Share Market Crash: डोनाल्ड ट्रंप की हुंकार से थरथराया शेयर बाजार, 1900 अंक लुढ़का सेंसेक्स; निफ्टी का भी बुरा हाल
Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के साथ आज अंतर्राष्ट्रीय शेयर बाजार में भी भारी गिरावट देखने को मिली. जिसका असर कच्चे तेल पर भी पड़ा है. अमेरिका- ईरान के बीच दोबारा बढ़ते तनाव का नतीजा है.

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट देखी जा रही है. अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव ने निवेशकों के सेंटिमेंट पर गहरा असर डाला है. यही वजह है कि सेंसेक्स बुरी तरह से नीचे लुढ़क गया है. दोपहर 2 बजे तक, BSE सेंसेक्स करीब 1800 अंक या 2.05% गिरकर 76570 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि NSE निफ्टी इंडेक्स 493 अंक या 2.03% गिरकर 23,907 पर था.
शेयर बाजार में भारी गिरावट
शेयर बाजार में आज इस बड़ी गिरावट से निवेशकों को भारी-भरकम नुकसान पहुंचा है. मंगलवार को निवेशकों की कुल संपत्ति 480.20 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई थी, जो आज 8.56 लाख करोड़ रुपये घटकर 471.64 लाख करोड़ रुपये पर आ गई है. दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स में शामिल इंटरग्लोब एविएशन, HUL, मारुति सुजुकी, ITC, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, RIL, अल्ट्राटेक सीमेंट और एक्सिस बैंक जैसे शेयरों में 5% तक की गिरावट आई. ये सभी शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे.
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1900 अंक तक टूटा शेयर बाजार
बुधवार को दोपहर ढाई बजे तक भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ है. जहां इंट्राडे के दौरान सेंसेक्स करीब 1,900 अंकों तक टूट गया था और आखिर में 1,878.26 अंक (2.40%) की भारी गिरावट के साथ 76,302.46 पर बंद हुआ. इस बड़ी गिरावट के कारण निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए और NIFTY50 भी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया.
"Its over, don't want to deal with them, they're scum," Trump signals curtains for US-Iran peace deal as tensions spiral in West Asia
— ANI Digital (@ani_digital) July 8, 2026
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कच्चे तेल की भी बढ़ी कीमतें
बीती रात ईरान- अमेरिका के बीच दोबारा से तनाव शुरू हो गया. दोनों पक्षों के बीच पूरी रात हमले चले हैं. जैसे ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि 'ईरान के साथ युद्धविराम का समझौता खत्म हो गया है'. वैसे ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ गईं. ब्रेंड क्रूड की कीमतें रातों-रात 6 प्रतिशत बढ़कर 78 डॉलर पर पहुंच गई. जिसका असर अब आने वाले समय में अन्य देशों में भी देखने को मिल सकता है.
फिलहाल सबकी नजरें होर्मुज पर हैं, यदि होर्मुज ब्लॉक होगा तो एक बार फिर से भारत समेत अन्य देशों में महंगाई की मार लोगों को झेलना पड़ सकती है. हाल- फिलहाल में ही लोगों को इससे थोड़ा रहत मिली थी लेकिन अब एक बार फिर से स्थिति दोबारा वैसी की वैसी ही हो गई है.
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