मिडिल ईस्ट में मची तबाही से बढ़ गई क्रूड ऑयल की कीमत, आज फोकस में तेल कंपनियों के शेयर
Share Market Today: ईरान पर इजरायल और अमेरिका के ताजा हमलों के बाद ओवर-द-काउंटर ट्रेड में ब्रेंट क्रूड में 10 परसेंट का उछाल आया और यह बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

Share Market Today: मिडिल ईस्ट में ईरान, US और इजरायल के बीच चल रहे झगड़े के बीच सोमवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयर दबाव में रहेंगे.
ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC), GAIL और ऑयल इंडिया जैसे अपस्ट्रीम शेयरों में तेजी का रूख बना रह सकता है. ओवर-द-काउंटर ट्रेड में ब्रेंट क्रूड के 10 परसेंट बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल होने के बाद आज ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी.
फायदे में तेल कंपनियां
ब्रोकरेज Emkay Global का कहना है कि तेल की कीमतों में आए इस उछाल से ONGC और ऑयल इंडिया जैसे अपस्ट्रीम स्टॉक्स को फायदा पहुंच सकता है. हालांकि, विंडफॉल टैक्स से मुनाफा कुछ कम हो सकता है. दरअसल, क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से ONGC और GAIL जैसी कंपनियों का भी रेवेन्यू बढ़ता है.
ये कंपनियां क्रूड ऑयल और गैस जमीन से निकालकर उन्हें अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में चल रही कीमतों पर बेचती है. अब जब दुनियाभर में तेल महंगा हो जाता है, तो प्रति बैरल इनका सेलिंग प्राइस भी बढ़ जाता है. कंपनियों को फायदा इसलिए भी पहुंचता है क्योंकि तेल की कीमतें भले ही बढ़ जाए, लेकिन ड्रिलिंग और इसे निकालने पर आने वाले खर्च में कोई बदलाव नहीं होता है. अब जब लागत वहीं हो और बिक्री की कीमत बढ़ जाए, तो मुनाफा होना लाजिमी है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, क्रूड ऑयल की कीमत में प्रति बैरल के हिसाब से हर 1 डॉलर की बढ़ोतरी से ONGC और GAIL जैसी कंपनियों के सालाना रेवेन्यू में 300-400 करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
तेल विपणन कंपनियों पर दबाव
ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने कहा कि तेल की ज्यादा कीमतें ONGC जैसी अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए पॉजिटिव हैं, लेकिन BPCL, IOCL और HPCL जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए नेगेटिव हैं. BPCL, IOCL और HPCL जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयर आज इसलिए दबाव में रहेंगे क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो बेशक ONGC और GAIL जैसी उत्पादन करने वाली कंपनियों को फायदा पहुंचता है. लेकिन मार्केटिंग कंपनियां नुकसान में रहती हैं क्योंकि ये अंतर्राष्ट्रीय कीमतों पर क्रूड ऑयल खरीदती हैं, लेकिन चूंकि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अकसर स्थिर रखी जाती हैं इसलिए उन्हें मुनाफा नहीं हो पाता है.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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Source: IOCL





































