Iran Stock Market: जंग के पूरे 80 दिन बाद ईरान ने खोला अपना शेयर बाजार, ग्लोबल मार्केट पर क्या होगा इसका असर?
Iran Share Market Reopened: ईरान में शेयर बाजार आज 19 मई को पूरे 80 दिन बाद खुला है. इसे आधिकारिक तौर पर 28 फरवरी, 2026 को बंद कर दिया गया था. यह वही दिन है जब ईरान पर अमेरिका ने हमला बोला था.

- ईरान का शेयर बाजार 80 दिन बाद फिर से खुला.
- अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण लंबे समय से बंद था.
- बाजार धीरे-धीरे खुलेगा, ट्रेडिंग का समय बढ़ाया गया.
- वैश्विक और भारतीय बाजारों पर इसके असर पर नजर.
Iran Stock Market: अमेरिका और इजरायली हमले के पूरे 80 दिन बाद ईरान ने अपना शेयर बाजार आज 19 मई से फिर से खोल दिया है. ईरान के हाल के इतिहास में यह पहली बार है जब शेयर बाजार में इतने लंबे समय तक ट्रेडिंग रुकी रही.
तेहरान स्टॉक एक्सचेंज को आधिकारिक तौर पर 28 फरवरी, 2026 को बंद कर दिया गया था. इसी दिन ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने जंग का ऐलान किया था. उस दौरान शेयरों की पैनिक बाइंग, लाखों की संख्या में छोटे निवेशकों की सुरक्षा और गंभीर भू-राजनीतिक व आर्थिक अनिश्चितता के इस दौर में वित्तीय बाजारों को स्थिर रखन की कोशिश में पूरे बाजार में ट्रेडिंग रोक दी गई थी.
एक घंटा ज्यादा खुला रहेगा बाजार
बाजार में ट्रेडिंग फिर से धीरे-धीरे शुरू होगी. इस वीकेंड के शुरू होने के पहले ही शेयरों, इक्विटी फंड्स और इक्विटी से जुड़े डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग फिर से शुरू हो जाएगी. ईरान का शेयर बाजार सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे (IST) तक खुला रहता है. हालांकि, जंग के दौरान कितना हुआ व महत्वपूर्ण वित्तीय जानकारी का खुलासा करने के लिए कंपनियों को अतिरिक्त समय दिया गया और ट्रेडिंग के लिए समय सीमा एक घंटे तक बढ़ाई गई.
ग्लोबल मार्केट पर असर
ईरान में शेयर बाजार का खुलना इस बात का संकेत है कि मिडिल ईस्ट में स्थिति थोड़ी-थोड़ी संभल रही है. इस दौरान निवेशकों की नजर इस पर रहेगी कि होर्मुज (Strait of Hormuz) के जरिए कच्चे तेल और LNG की सप्लाई सामान्य होती है या नहीं. यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया की 20 परसेंट से ज्यादा एनर्जी की सप्लाई होती है.
भारतीय शेयर बाजार पर असर
अगर ईरान में शेयर बाजार खुलने के बाद भी क्रूड ऑयल की कीमतें ऊपर बनी रहती हैं, तो इससे भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) बढ़ेगा. इससे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और बढ़ने और महंगाई का खतरा बना रहेगा, जो शेयर बाजार के लिए नेगेटिव है. अमेरिका और एशियाई बाजार में निवेशक इस वक्त 'Wait and Watch'की स्थिति में हैं. उनका फोकस अभी इस बात पर है कि जंग के चलते ईरान को कितना नुकसान हुआ है, कंपनियों की वित्तीय स्थिति कैसी बनी हुई है वगैरह.
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