Flight Ticket Booking: अगर आप ऑनलाइन फ्लाइट टिकट बुक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) पर जुर्माना लगाया गया है. दरअसल जांच में पाया गया कि कंपनी टिकट बुकिंग के दौरान अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर डार्क पैटर्न जैसी एक ऐसी डिजिटल डिजाइन का इस्तेमाल कर रही थी, जिससे यात्रियों की इजाजत के बिना ही कुछ सेवाएं मंजूर कर ली जाती थी. CCPA के मुताबिक, इस तरह के तरीके गरहकों को कन्फ्यूज करते हैं और उनकी जानकारी के बिना ही कुछ सेवाओं और प्रमोशनल मैसेज से जोड़ देते हैं. आइए जानते है क्या है पूरा मामला. 

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CCPA की जांच में क्या सामने आया?

CCPA की जांच के दौरान पता चला कि स्पाइसजेट की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर टिकट बुकिंग के दौरान कुछ ऑप्शन पहले से ही टिक (Pre-ticked) रहते थे. यही वजह है कि कई ग्राहक अनजाने में SpiceClub लॉयल्टी प्रोग्राम का हिस्सा बन जाते थे. इसके अलावा, ईमेल, व्हाट्सएप और अन्य प्रमोशनल खबर प्राप्त करने की सहमति भी खुद-ब-खुद दर्ज हो जाती थी.

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कौन-कौन से डार्क पैटर्न मिले?

ग्राहकों को बिना स्पष्ट अनुमति के लॉयल्टी प्रोग्राम में जोड़ना.वेबसाइट पर कुछ विकल्पों को डिफॉल्ट रूप से पहले से चुनकर रखना.ऐसे शब्दों और इंटरफेस का इस्तेमाल करना, जिससे ग्राहक आसानी से भ्रमित हो जाए.

कंपनी पर क्यों लगा जुर्माना?

CCPA ने कहा कि पहले से टिक किए गए बॉक्स या धोखेबाज डिजाइन के जरिए ली गई सहमति वैध नहीं मानी जा सकती. यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 और ई-कॉमर्स नियम 2020 का उल्लंघन है. नोटिस मिलने के बावजूद भी कंपनी ने सिर्फ अपना तरीका बदला, लेकिन ग्राहकों से प्रमोशनल सहमति लेने की प्रक्रिया में पूरी तरह सुधार नहीं किया. इसके बाद CCPA ने स्पाइसजेट पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया.

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