काले धन संबंधी SIT ने दिया सुझावः 1 करोड़ रुपये तक कैश रखने देने की हो छूट
एजेंसी | 19 Jul 2018 08:01 PM (IST)
न्यायमूर्ति शाह ने कहा, ‘जब्त की जा रही राशि को देखिए, 160 करोड़ रुपये, 177 करोड़ रुपये’ उन्होंने कहा, ‘‘जब्त की जा रही राशि की मात्रा इतनी ज्यादा है कि अब हमारा मानना है कि 20 लाख रुपये तक रखने देने की सीमा काम नहीं करेगी.’’
नई दिल्ली: काले धन से संबंधित विशेष जांच दल-स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने अपनी पहले की सिफारिश की जगह अब केंद्र सरकार से सिफारिश की है कि कैश राशि के रूप में एक करोड़ रुपये तक रखने देने की अनुमति दी जा सकती है. एसआईटी ने पहले कैश के रूप में 20 लाख रुपये तक रखने देने की सिफारिश की थी. काले धन संबंधी एसआईटी के चीफ न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) एम बी शाह ने आज कहा कि एसआईटी ने यह सिफारिश भी की है कि जब्ती के दौरान संबंधित सीमा से ज्यादा पाई जाने वाली राशि को सरकारी खजाने में जमा कराया जाना चाहिए. नई सिफारिशें तब आईं जब पहले की सिफारिशों में कैश राशि के रूप में 15 लाख और 20 लाख रुपये तक रखने देने की सीमा को काफी कम पाया गया. मौजूदा नियमों के मुताबिक, दोषी व्यक्ति 40 फीसदी आयकर और पेनल्टी का भुगतान कर जब्त राशि को वापस पा सकता है. सिफारिशें तब आईं जब हाल में देशभर में कर अधिकारियों की छापेमारी में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई. आयकर अधिकारियों ने पिछली 16 जुलाई को राजमार्ग निर्माण से जुड़ी एक कंपनी और इसकी सहयोगी कंपनियों के 20 परिसरों पर छापेमारी कर 160 करोड़ रुपये की नकदी और 100 किलोग्राम सोना जब्त किया था. न्यायमूर्ति शाह ने कहा, ‘जब्त की जा रही राशि को देखिए, 160 करोड़ रुपये, 177 करोड़ रुपये’ उन्होंने कहा, ‘‘जब्त की जा रही राशि की मात्रा इतनी ज्यादा है कि अब हमारा मानना है कि 20 लाख रुपये तक रखने देने की सीमा काम नहीं करेगी.’’ जस्टिस शाह ने पूर्व में नकद राशि के रूप में 15 लाख रुपये तक रखने देने की सिफारिश की थी. हालांकि बाद में उन्होंने इस सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये तक कर दिया. केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों पर वर्ष 2014 में एसआईटी का गठन किया था. सरकार को एसआईटी लगातार काला धन रोकने से जुड़े कदमों का सुझाव देती रही है.