Silver Import: ईरान और यूएस का युद्ध जबसे शुरू हुआ है, तभी से इसने भारत की अर्थव्यवस्था को भी हिलाकर रख दिया है. इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार कई कड़े कदम उठा रही है लेकिन फिर भी महंगाई की मार जनता पर पड़ ही रही है. इसी को देखते हुए अब हाल ही में भारत सरकार ने एक बार फिर से चांदी के आयात के नियमों में बदलाव कर दिया है. ये नियम अब और भी ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं.

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दरअसल भारत सरकार ने चांदी के आयात पर नियंत्रण बढ़ाते हुए इसके नियम और भी ज्यादा सख्त कर दिए हैं. अब चांदी के दाने (ग्रेन), पाउडर और 99.9% शुद्धता वाली चांदी का आयात करने के लिए पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी. जिसके लिए आदेश मंगलवार को ही जारी हुए हैं. 

इस आदेश के अनुसार ऐसे सभी आयातकों को विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) से वैध आयात अनुमति (इंपोर्ट ऑथराइजेशन) लेना होगा. बिना इसकी मंजूरी के इन उत्पादों का आयात नहीं किया जा सकेगा.

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पिछले कुछ समय में हुए बदलावसरकार ने पिछले महीने सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया था. इसका उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच गैर-जरूरी आयात को कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना है. हाल ही के महीनों में चांदी के आयात में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है. अप्रैल में चांदी का आयात सालाना आधार पर 157% बढ़कर 411 मिलियन डॉलर पहुंच गया. वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक ये करीब 150% बढ़कर 12 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है.

चांदी व्यापरियों में बढ़ चिंतासरकार के इस फैसले से चांदी व्यापारियों के बीच भी काफी हलचल मच गई है. नए नियमों से आयातकों के लिए अनिश्चितता बढ़ सकती है और आयात प्रक्रिया भी थोड़ी ज्यादा मुश्किल हो सकती है. जिसका खामियाजा व्यापारियों को भुगतना होगा.

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सख्ती बढ़ाने की वजह?बता दें कि भारत दुनिया में चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और हाल के समय में इसके आयात में तेज बढ़ोतरी हुई है. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने रिकॉर्ड 12 अरब डॉलर की चांदी आयात की, जबकि इससे पिछले वित्त साल में ये आंकड़ा 4.8 अरब डॉलर था. सरकार बढ़ते आयात पर लगाम लगाना चाहती है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) पर दबाव कम हो सके. इसी दिशा में पिछले महीने सोने और चांदी पर आयात शुल्क भी 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया था.