Coal Shortage: सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कोयले की कमी की वजह से भारत गंभीर बिजली संकट और ग्रिड फेलियर का सामना कर रहा है. इस दावे को लेकर PIB Fact Check ने सच्चाई सामने रखी है. इस पोस्ट को लेकर अब खूब चर्चाएं हो रही हैं.

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जानें क्या किया जा रहा है दावा?

वायरल पोस्ट की तो इसमें कहा गया है कि देश के कई थर्मल प्लांट्स में कोयले का स्टॉक बेहद कम है. इसी के साथ यह भी दावा किया गया है कि भारत का पावर ग्रिड खतरे में है और बड़े स्तर पर बिजली कटौती हो सकती है. 

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दावे की सच्चाई क्या है?

PIB Fact Check ने इन दावों को पूरी तरह गुमराह करने वाला बताया है. एजेंसी के मुताबिक, यह जानकारी बेवजह घबराहट फैलाने के लिए शेयर की जा रही है.

PIB ने क्या कहा?

  • PIB ने साफ कहा कि 2 मई 2026 को देश की अधिकतम बिजली मांग 229 गीगावॉट थी, जिसे पूरी तरह पूरा किया गया.
  • इसके अलावा देश के थर्मल पावर प्लांट्स के पास 53.702 मिलियन टन कोयले का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.
  • PIB ने यह भी बताया कि देश में बिजली की उपलब्धता पूरी तरह पर्याप्त है.
  • साथ ही ग्रिड संचालन और वितरण सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है.
  • इसी के साथ ही मौजूदा फ्रीक्वेंसी कंट्रोल सिस्टम सुरक्षित संचालन के लिए पर्याप्त है.

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PIB ने लोगों से की अपील

PIB ने लोगों से अपील कि है. PIB ने लिखा कि ," अगर आपको भारत सरकार से जुड़ा कोई भी भ्रामक कंटेंट दिखे तो उसकी तुरंत रिपोर्ट करें.  इसके लिए उन्होंने एक नंबर भी शेयर किया है जिस पर लोग रिपोर्ट कर सकते हैं.  शिकायत WhatsApp +91 8799711259 या ईमेल factcheck@pib.gov.in  पर की जा सकती है.