नई दिल्ली: शेयर बाजार में मंगलवार को अमंगल हुआ. 2017 के दौरान एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई. अकेले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर कारोबार के लिए उपलब्ध 4076 शेयरों में निवेशकों के 85 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा डूब गए.
आईटीसी के शेयरों को लगा तगड़ा झटका
मंगलवार को कारोबार शुरु होने के पहले ही बाजार में दो बुरी खबर आयी. पहली बुरी खबर यदि सिगरेट पर सेस बढ़ाने को लेकर थी तो दूसरी बुरी खबर प्रमुख बिजनेस अखबार के हवाले से आयी कि रिलायंस इंडस्ट्रीज पर जुर्माना लगेगा. नतीजा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ सिगरेट के अलावा तमाम एफएमसीजी (Fast Moving Consumer Goods) बनाने वाली आईटीसी के शेयरों को तगड़ा झटका लगा और दोनों ही शेयरों मे निवेशकों ने जमकर बिकवाली की.
आईटीसी में 25 सालों में सबसे बड़ी गिरावट
भारी बिकवाली की वजह से आईटीसी के शेयर तो एक वक्त 15 फीसदी तक लुढक गया. समझा जाता है कि ये 25 सालों में आईटीसी में सबसे बड़ी गिरावट है. हालांकि दोपहर बाद निचली स्तर पर खरीद से आईटीसी को कुछ सहारा मिला और अंत में शेयर के भाव करीब साढ़े 12 फीसदी की गिरावट के बाद 284.60 रुपये पर बंद हुए. अकेले इसी कंपनी में निवेशकों को 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए. ध्यान रहे कि बीएसई सेंसेक्स में उतार चढ़ाव लाने वाले प्रमुख शेयरों में आईटीसी भी शामिल है.
निवेशकों के 85 हजार करोड़ रुपये स्वाहा
पूरे बाजार की बात करें तो तमाम शेयरों में निवेश की बाजार कीमत यानी मार्केट कैपिटलाइजेशन 1 करोड़ 30 लाख 52 हजार 909 करोड़ रुपये से घटकर 1 करोड़ 29 लाख 67 हजार 234 करोड़ रुपये पर आ गयी. मतलब एक ही दिन में निवेशकों के 85 हजार करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. फिलहाल, जानकारों की मानें तो बीते कुछ दिनों से बाजार में आ रही लगातार तेजी के बीच निवेशकों को निचली कीमत पर चुनिंदा शेयर खरीदने का मौका मिला.
364 अंकों की गिरावट के बाद 31711 पर बंद हुआ सेंसेक्स
बाजार के सूचकांकों की बात करें, तो 31 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 364 अंकों की गिरावट के बाद 31711 पर बंद हुआ. इस साल एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है. वहीं दूसरी ओर 50 शेयरों वाले एनएसई निफ्टी में 88 प्वाइंट से भी ज्यादा का घाटा हुआ और अंत में ये 9827 पर बंद हुआ.
