दिल्ली में महंगी शराब खरीदने वालों को आने वाले दिनों में थोड़ी राहत मिल सकती है. दीवाली के बाद कुछ लोकप्रिय स्कॉच व्हिस्की ब्रांड की कीमतों में कमी आने की संभावना है.

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इसके पीछे भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ व्यापार समझौता अहम वजह है. दिल्ली के आबकारी विभाग ने भी नई कीमतें तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे शराब के शौकीनों को फायदा मिल सकता है.

पहले होटल और रेस्टोरेंट में मिलेंगी नई कीमतें

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आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कीमतों में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव को जल्द मंजूरी के लिए रखा जा सकता है. नई दरों पर शराब की सप्लाई सबसे पहले होटल, क्लब और रेस्टोरेंट (HCR) को की जाएगी. इसके बाद दिल्ली की खुदरा शराब दुकानों तक नई कीमतों वाला स्टॉक पहुंचाया जाएगा.

हालांकि, दुकानों पर नई दरें लागू होने में कुछ समय लग सकता है. इसकी मुख्य वजह बाजार में पहले से मौजूद पुराना स्टॉक है. पुराने माल की बिक्री पूरी होने के बाद ही कम कीमत वाली नई बोतलें बाजार में आने की उम्मीद है.

स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में कितनी होगी कमी?

दिल्ली में कुछ स्कॉच व्हिस्की की कीमतें करीब 7 प्रतिशत तक कम हो सकती हैं. यह बदलाव भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत आयात शुल्क घटाए जाने के बाद किया जा रहा है. हालांकि, कीमतों में कितनी कमी होगी, यह अलग-अलग ब्रांड की लागत और टैक्स पर निर्भर करेगा.

इस बदलाव से जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल, डबल ब्लैक, रेड लेबल और ग्लेनफिडिच 12 ईयर जैसे लोकप्रिय ब्रांड प्रभावित हो सकते हैं. इनकी नई कीमतें लागू होने के बाद ग्राहकों को पहले के मुकाबले कम पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं.

शादी के सीजन से पहले मिल सकती है राहत

सितंबर में दिल्ली आबकारी विभाग ने थोक विक्रेताओं से संशोधित लागत और कीमतों से जुड़े दस्तावेज मांगे थे. गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी शुल्क घटने के बाद शराब की कीमतों में बदलाव किया गया है.

उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, दिल्ली में पुराना स्टॉक खत्म होने में कम से कम दो सप्ताह लग सकते हैं. ऐसे में दीवाली के बाद और शादी के सीजन से पहले नई कीमतें बाजार में दिखाई देने की उम्मीद है. हालांकि, यह राहत सभी ब्रांड पर लागू नहीं होगी.

भारत-ब्रिटेन समझौते से कैसे मिलेगा फायदा?

भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ था. इसके तहत ब्रिटेन में बोतलबंद होकर भारत आने वाली पात्र स्कॉच व्हिस्की पर सीमा शुल्क 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया गया है. अगले 10 सालों में इसे धीरे-धीरे 40 प्रतिशत तक लाने की योजना है.

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