नई दिल्लीः भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अलग-अलग मैच्योरिटी अवधि वाले कर्ज पर कोष की सीमांत लागत आधारित दर-मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लैंडिंग रेट्स (एससीएलआर) में 0.2 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है. बैंक के इस कदम से होम लोन, ऑटो लोन और दूसरे कर्ज महंगे होंगे. नयी दरें आज से लागू हो जाएंगी.

बैंक की वेबसाइट के अनुसार, एसबीआई ने तीन साल तक की मैच्योरिटी अवधि वाले लोन पर ब्याज में 20 आधार अंक यानी 0.2 फीसदी की बढ़त की है. बैंक ने एक दिन और एक महीने की अवधि के लिए एमसीएलआर को 7.9 फीसदी से बढ़ाकर 8.1 फीसदी किया है.

एक साल की मैच्योरिटी वाले लोन पर एमसीएलआर को 8.25 से 8.45 फीसदी किया गया है. इसी प्रकार, तीन साल की अवधि के लिये एमसीएलआर को 8.45 फीसदी से बढ़ाकर 8.65 फीसदी किया गया है.

भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से नीतिगत दर (रेपो दर) में 0.25 फीसदी की बढ़त करके 6.5 फीसदी करने के बाद एसबीआई ने एमसीएलआर में इजाफा किया है.

इससे पहले 30 जुलाई को एसबीआई ने एफडी पर ब्याज दरें बढ़ाकर अपने ग्राहकों को तोहफा दिया था.

कितनी बढ़ाई गई थीं ब्याज दरें 1 करोड़ रुपये से कम वाली 1 साल से 10 साल के बीच की एफडी पर 0.05 फीसदी से लेकर 0.1 फीसदी तक की ब्याज दरें बढ़ाई गई हैं. ये बढ़ी हुई दरें आज से यानी 30 जुलाई से लागू हो गई हैं.

1 करोड़ रुपये से कम वाली एफडी पर ब्याज दरें 1 साल से ज्यादा और 2 साल से कम की एफडी जिस पर पहले 6.65 फीसदी का ब्याज मिल रहा था उस पर 6.7 फीसदी का ब्याज मिलेगा. 2 साल से ज्यादा और 3 साल से कम की एफडी जिस पर पहले 6.65 फीसदी का ब्याज मिल रहा था उस पर 6.75 फीसदी का ब्याज मिलेगा. 3 साल से 5 साल के बीच की एफडी जिस पर पहले 6.7 फीसदी का ब्याज मिल रहा था उस पर 6.8 फीसदी का ब्याज मिलेगा. 5 साल से 10 साल के बीच की एफडी जिस पर पहले 6.75 फीसदी का ब्याज मिल रहा था उस पर 6.85 फीसदी का ब्याज मिलेगा.