RBI News: 5 जून 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पलिटी समिति (MPC) की बैठक होने जा रही है. इस बैठक में के बाद आरबीआई के गवर्नर इस पॉलिसी का ऐलान करने वाले हैं. RBI की इस बैठक पर फिलहाल सभी की नजर है. इसी बीच अब देश के सबसे बड़े बैंक SBI के चेयरमैन का बयान सामने आया है. अपने बयान में सीएस शेट्टी ने कहा है कि वो चाहते हैं कि RBI अब रेपो रेट में कोई बदलाव ना करें. आइये जानते हैं शट्टी ने ऐसा क्यों कहा.

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क्या बोले SBI के चेयरमैन?दरअसल हाल ही में एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने मनी कंट्रोल के साथ बातचीत की है. इस दौरान ही उन्होंने आरबीआई के ब्याज दरों में बदलाव ना करने की मांग की है. शेट्टी ने कहा, 'RBI ने 6.9 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान जताया है, लेकिन एसबीआई के अपने एसेसमेंट के हिसाब से ग्रोथ 6.6 प्रतिशत रह सकती है. इन्फ्लेशन 4.6 से 4.7 फीसदी रह सकता है. इससे ये संकेत मिलता है कि अभी इंटरेस्ट रेट को लेकर किसी तरह का फैसला लेना ठीक नहीं रहेगा.'

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शेट्टी के मुताबिक, देश में महंगाई और आर्थिक वृद्धि के बीच फिलहाल संतुलन बना हुआ है. ऐसे में RBI अगर ब्याज दरों को जैसी हैं वैसा ही रहने दें तो इससे अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलेगी और विकास की रफ्तार भी बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि बाजार भी यही उम्मीद कर रहा है कि RBI इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा. उनके अनुसार, मौजूदा समय में "रेट पॉज" यानी ब्याज दरों को स्थिर रखना सबसे सही कदम होगा.

आम लोगों पर क्या होगा असर?अगर RBI ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करता है, तो इसका असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ सकता है. जैसे:

  • होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की EMI में तत्काल बदलाव की संभावना कम रहेगी.
  • बैंकों की जमा (FD) दरों में भी बड़ा बदलाव नहीं होगा.
  • कारोबार और निवेश के लिए स्थिर माहौल बना रहेगा.
  • बैंकों को पहले किए गए नीतिगत बदलावों का असर समझने का समय मिलेगा.

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RBI के फैसले पर क्यों टिकी हैं निगाहें?बता दें कि RBI की MPC बैठक 3 से 5 जून के बीच हो रही है. इस बैठक में केंद्रीय बैंक महंगाई, आर्थिक वृद्धि, वैश्विक हालात और रुपये की स्थिति जैसे कई मुद्दों पर समीक्षा करता है. इसके बाद रेपो रेट पर फैसला लिया जाता है, जो बैंकों के कर्ज और जमा दरों को प्रभावित करता है.