Rupee vs Dollar: रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में 31 पैसे की मजबूती के साथ 95.12 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले टालने के फैसले के बाद डॉलर के कमजोर होने से भारतीय रुपये को पिछले कई हफ्तों में सबसे बड़ी मजबूती मिली है. इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में आज रुपया 95.10 से 95.35 के मजबूत दायरे में कारोबार कर रहा है.
रुपये में मजबूती की एक और बड़ी वजह
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की 3 दिवसीय बैठक शुरू हो रही है. बाजार को पूरा भरोसा है कि रिजर्व बैंक ब्याज दरों को 5.25% पर स्थिर रखेगा, जिससे रुपये की लिक्विडिटी मजबूत बनी हुई है. साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार में उत्साह है, जिसके चलते आज भारतीय शेयर बाजार में भी तेजी देखी जा रही है. बाजार में आई इस हरियाली के कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय इक्विटी में डॉलर के प्रवाह को बढ़ा दिया है.
शेयर बाजार में छाई हरियाली
रुपया शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त में रहा और सात पैसे मजबूत होकर 95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.17% टूटकर 99.74 पर रहा.
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 470.06 अंक चढ़कर 78,564.70 अंक पर जबकि निफ्टी 150 अंक की बढ़त के साथ 24,532.95 अंक पर रहा. अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 5.0% की गिरावट के साथ 83.66 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 277.48 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे.
आम जनता पर असर
- रुपया मजबूत होने और क्रूड सस्ता होने से भारत के लिए कच्चे तेल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स, कच्चा माल और एडिबल ऑयल का आयात करना सस्ता हो जाएगा, जिससे आने वाले हफ्तों में रिटेल महंगाई कम हो सकती है.
- इसके अलावा, रुपये के मजबूत होने से विदेश जाना, विदेश में पढ़ाई या इलाज कराना भी सस्ता होगा क्योंकि आपको डॉलर के मुकाबले कम फीस या सफर के लिए कम भारतीय रुपये चुकाने होंगे.
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