आजकल ज्यादातर लोग परिवार और दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट या कैफे में खाना खाने जाते हैं, तो बिल चुकाने के बाद कई बार उनके मन में यह सवाल आता है कि क्या वेटर को अलग से टिप देना भी जरूरी है? कुछ लोग अच्छी सर्विस मिलने पर अपनी खुशी से टिप देते हैं, जबकि कई लोगों का मानना है कि कर्मचारियों को सैलरी देना रेस्टोरेंट की जिम्मेदारी है. इसी मुद्दे को लेकर Reddit पर एक पोस्ट के बाद बहस छिड़ गई है.

Continues below advertisement

दरअसल, इस बहस में लोगों ने अपनी-अपनी राय रखी. कुछ लोगों का कहना है कि अगर सर्विस अच्छी लगी, तो अपनी मर्जी से टिप दी जा सकती है. वहीं, दूसरे लोगों का मानना है कि ग्राहकों पर अतिरिक्त पैसे देने का दबाव नहीं होना चाहिए. 

क्या है रेस्टोरेंट में टिप देने का पूरा मामला?

Continues below advertisement

Reddit पर एक महिला ने पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि वह अपने जन्मदिन पर लंच करने गई थी. इस दौरान उसके साथ मौजूद व्यक्ति ने रेस्टोरेंट के सर्वर को टिप नहीं दी. इसके बाद महिला ने भारत में वेटर को टिप देने की आदत को आम बनाने की बात कही. उसकी पोस्ट के बाद कई यूजर्स ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी.

हालांकि, कुछ यूजर्स ने कहा कि टिप देना ग्राहक की अपनी मर्जी होनी चाहिए. वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर वेटर को टिप दी जाती है, तो खाना बनाने वाले कुक और दूसरे कर्मचारियों को इससे अलग क्यों रखा जाता है.

भारत और विदेश में टिप देने का क्या है चलन?

भारत में रेस्टोरेंट में टिप देना आम तौर पर जरूरी नहीं है. आप अपनी मर्जी या सर्विस के मुताबिक पर टिप दे सकते हैं. कुछ जगहों पर कर्मचारियों के बीच सर्विस चार्ज या सर्विस से मिलने वाली रकम बांटने की व्यवस्था भी होती है. हालांकि, टिप और सर्विस चार्ज दोनों अलग-अलग चीजें हैं.

विदेशों में टिप देने का क्या है चलन?

अमेरिका में रेस्टोरेंट में टिप देना काफी आम है और कई जगह ग्राहक बिल का 15% या उससे ज्यादा टिप देते हैं. इसके अलावा, यूरोप के अलग-अलग देशों में इसका चलन अलग है. हालांकि, विदेशों में टिप देने की परंपरा के कारण भारत में भी इसे जरूरी बनाने की मांग से कई लोग सहमत नहीं हैं.

गोल्ड खरीदने का गोल्डन चांस! 20 फीसदी तक गिरे दाम, शोरूम में उमड़ी भीड़