RBI New Rule: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने बैंकों के लिए नया नियम जारी किया है. जिसके तहत अगर किसी बैंक ने कर्ज की वसूली के दौरान किसी व्यक्ति या कंपनी की जमीन, मकान या दूसरी अचल संपत्ति अपने कब्जे में ली है, तो वो उसे उसी कर्जदार या उससे जुड़े लोगों को वापस नहीं बेच सकेगा.

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क्या बोला RBI?अपने इस फैसले के बारे में RBI ने कहा कि आमतौर पर बैंक गैर-वित्तीय संपत्तियां (जैसे जमीन या मकान) अपने पास नहीं रखते. लेकिन जब कोई कर्ज लंबे समय तक नहीं चुकाया जाता और वह एनपीए (NPA) बन जाता है, तब बैंक कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरवी रखी गई संपत्ति अपने कब्जे में ले सकते हैं.

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क्या कहते हैं नए नियमनए नियमों के अनुसार, बैंक को ऐसी संपत्ति जितनी जल्दी हो सके पब्लिक ऑक्शन के जरिए बेचनी होगी. हालांकि, किसी भी स्थिति में बैंक अधिकतम 7 साल तक ही ऐसी संपत्ति अपने पास रख सकेगा.

कब से लागू होगा नियम?RBI के द्वारा ये नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे. इसके साथ ही सेंट्रल बैंक ने कुछ लोगों ने सुझाव दिया था कि डिफॉल्ट करने वाले कर्जदार को अपनी संपत्ति दोबारा खरीदने की अनुमति दी जाए, लेकिन सेंट्रल बैंक ने इसे स्वीकार नहीं किया. RBI का कहना है कि ऐसा करने से लोग जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने की कोशिश कर सकते हैं और इससे बैंकिंग व्यवस्था में अनुशासन कमजोर होगा.

साथ ही, बैंक जब ऐसी संपत्ति अपने कब्जे में लेंगे, तो उसकी कीमत का अंदाजा कम से कम दो फ्रीलांस वैल्युअर्स से कराया जाएगा और उसी आधार पर उसे खातों में दर्ज किया जाएगा. अगर बैंक बाद में उस संपत्ति का इस्तेमाल अपने काम के लिए करने लगे, तो उसे गैर-वित्तीय संपत्ति की श्रेणी से हटाकर फिक्स्ड एसेट के रूप में दर्ज किया जाएगा.

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