RBI MPC Meeting: RBI यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की हाल ही में MPC (Monetary Policy Committee)की बैठक हुई है. जिसमें MPC के सदस्यों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में महंगाई बढ़ सकती है, इसलिए आगे चलकर ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है. अगस्त में हुई MPC की इस बैठक के मिनट्स से ये जानकारी सामने आई है.

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ब्याज दर बढ़ाने पर किया जा सकता है विचारइस मीटिंग में RBI की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने इसको लेकर सबसे स्पष्ट संकेत दिए है. उन्होंने कहा कि, 'अगर महंगाई बढ़कर 5.9% तक पहुंचती है, तो इस वित्त वर्ष में ब्याज दर बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है. फिलहाल ब्याज दरों में और कटौती की गुंजाइश नजर नहीं आ रही है'. 

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क्या बोले गवर्नर?तो वहीं RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई बढ़ने के जोखिम पर नजर रखना जरूरी है. अगर खाने-पीने की चीजों, फ्यूल और दूसरी चीजों की कीमतें बढ़ती हैं और इसका असर पूरे बाजार पर दिखने लगता है, तो RBI को ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं. उन्होंने ये भी कहा कि, पिछले साल औसत महंगाई करीब 2% थी, जबकि इस साल अब तक ये औसतन 3.93% रही है.

साल 2026-27 में कोर महंगाई करीब 4.3% रहने का अनुमान है. ऐसे में RBI को अपनी ब्याज दर नीति में बदलाव करना पड़ सकता है. इसके अलावा MPC के दूसरे सदस्यों ने भी महंगाई को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि महंगाई अब अपने निचले स्तर से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही है, इसलिए ब्याज दरों को लेकर सही समय पर फैसला लेना जरूरी होगा.

अगली बैठक पर नजरबता दें कि अगस्त की इस बैठक में MPC ने लगातार चौथी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया. रेपो रेट फिलहाल 5.25% पर है. RBI ने फरवरी से दिसंबर 2025 के बीच इसमें कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की थी. अब सबकी नजर MPC की अगली बैठक पर है. ये बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच होगी. इसमें RBI ब्याज दरों को लेकर आगे की दिशा पर फैसला कर सकता है.

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