मुंबई: आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने आज क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा के निष्कर्ष जारी किए. क्रेडिट पालिसी में मोदी सरकार के अंतरिम बजट का असर भी दिखा. करीब एक साल बाद रेपो रेट में कमी की गई है. वहीं रिवर्स रेपो रेट में बढ़ोतरी हुई है, रेपो रेट घटाने का निर्णय बहुमत से लिया गया है. चुनावी साल में आरबीआई का ये फैसला सरकार के लिए राहत भरी हो सकती है.
फैसले के मुताबिक रेपो रेट को 6.5% से बदलकर 6.25% किया गया वहीं रिवर्स रेपो रेट 6.0% और बैंक रेट 6.5% किया गया है. आरबीआई के इस फैसले से ब्याज दर घटने की संभावना बढ़ गई हैं. ब्याज दर कम होने से बैंक कार, घर की ईएमआई घटा सकते हैं.
रेपो रेट कम होने से छोटे किसानों को बिना गिरवी रखे 1 लाख 60 हजार तक लोन मिलेगा. पहले यह 1 लाख रुपए तक था. इसके साथ ही वित्तीय वर्ष के अंत मे GDP ग्रोथ 7.2 रहने का अनुमान जताया गया है. बता दें तकि रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है. यानी जब बैंकों को आरबीआई से सस्ता कर्ज मिलेगा तो जाहिर तौर पर बैंक भी ग्राहकों को सस्ता लोन दे सकते हैं.
रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की समीक्षा में महंगाई दर अगले साल की पहली छमाही में 3.2% से 3.4 %रहने का अनुमान जताया गया. जबकि तीसरी तिमाही में महंगाई दर थोडी सी बढ़कर 3.9% रहने का अनुमान है. महंगाई पर आरबीआई गवर्नर शशिकांत दास ने कहा कि सब्जियों की कीमत बढ़ने से महंगाई दर बढ़ सकती है.
फैसले से पहले बाजार में दिखी तेजी मौद्रिक नीति पर फैसले से पहले शेयर बाजारों में आज शुरुआत रौनक भरी रही. बीएसई का 30 कंपनियों का शेयर सूचकांक 161.53 अंक यानी 0.44 प्रतिशत बढ़कर 37,136.76 अंक पर चल रहा है. इसी तरह एनएसई का निफ्टी 33.05 अंक यानी 0.30 प्रतिशत बढ़कर 11,095.50 अंक पर चल रहा है. बुधवार को सेंसेक्स 358.42 अंक चढ़कर 36,975.23 अंक पर और निफ्टी 128.10 अंक बढ़कर 11,062.45 अंक पर बंद हुआ था.
