Ration Subsidy News: चंडीगढ़ और दादर एवं नगर हवेली दो ऐसे केंद्रशासित प्रदेश बन गए हैं, जहां 14 अगस्त 2026 से सरकार राशन की सब्सिडी डिजिटल रूपी के जरिए सीधे लाभार्थियों के वॉलेट में भेजने जा रही है. केंद्र सरकार की इस योजना का मकसद Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana  (PMGKAY) के तहत दी जाने वाली खाद्य सब्सिडी की चोरी और दुरुपयोग को रोकना है. 

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स्कीम की क्या है खासियत?

स्कीम की सबसे बड़ी खासियत ही यह है कि यह पर्पज बाउंड या उद्देश्य निर्धारित है. यानी कि वॉलेट में सरकार द्वारा भेजी जाने वाली डिजिटल करेंसी का उपयोग सिर्फ गेहूं और चावल जैसे अनाज खरीदने के लिए ही किया जा सकता है. लाभार्थी इससे राशन के अलावा कोई और चीज नहीं खरीद पाएंगे.

PMGKAY के तहत अब तक लोगों को राशन की सब्सिडी उनके बैंक खातों में भेजी जाती थी. लेकिन अकसर बैंक खाते में भेजे जाने वाले पैसे से लोग कुछ और खरीद लेते हैं या अपने निजी शौक में उड़ा देते हैं.

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अब डिजिटल रूपी भेजने पर आप उसे सिर्फ सरकारी राशन की दुकानों पर ही खर्च कर पाएंगे. आप वॉलेट के पैसे से मोबाइल रिचार्ज, शराब या कपड़े वगैरह चीजों की खरीदारी नहीं कर पाएंगे. वॉलेट में भेजा गया पैसा सिर्फ राशन के दुकानों में लगे क्यूआर कोड पर ही स्कैन और ट्रांसफर हो पाएगा. बता दें कि पहले पुडुचेरी और गुजरात में इसकी शुरुआत की गई थी, वहां इसके सफल ट्रायल के बाद अब इन दो केंद्र शासित प्रदेशों में यह मॉडल लागू किया जा रहा है.

कैसे काम करेगा यह वॉलेट?

सबसे पहले स्कीम का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों को पहले अपने स्मार्टफोन में PNB Digital Rupee एप्लीकेशन को डाउनलोड करना होगा और इसे एक्टिवेट करना होगा. इसके बाद अपने किसी नजदीकी राशन ऑफिस या इसके लिए अलग से लगाए जा रहे कैंपों में जाकर अपना आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर सबमिट कर केवाईसी और रजिस्ट्रेशन कराना होगा. किसी भी सहायता या जानकारी के लिए विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2068 पर संपर्क कर सकते हैं. 

30- दिनों की समयसीमा

वॉलेट में आए राशन के पैसे आपको एक महीने में खर्च करने होंगे. यानी कि यह रकम एक महीने के लिए ही वैलिड रहेगी. अगर लाभार्थी इस महीने के भीतर राशन नहीं खरीदता है, तो यह पैसा अपने आप ही वापस सरकार के खाते में चली जाएगी. चूंकि हर एक डिजिटल ट्रांजैक्शन का रियल-टाइम डिजिटल रिकॉर्ड रहता है, जिससे सरकार को यह ट्रैक करने में आसानी रहती है कि किस व्यक्ति ने राशन लिया है और सब्सिडी का सही से इस्तेमाल किया है. 

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