देश की डिजिटल पेमेंट कंपनी फोनपे ने अब भारत की सीमाओं से बाहर जाकर अपना कारोबार ले जाने पूरी तैयारी कर ली है. इस कदम से उसके लिए एक नए देश में स्थानीय स्तर पर पेमेंट सेवाएं शुरु करने का रास्ता खुल सकता है. यूएई में कंपनी को पेमेंट से जुड़े दो लाइसेंस के लिए मंजूरी मिली है. यानी अब भारतीय दुबई जैसे बड़े शहरों में भी यूपीआई इस्तेमाल कर पाएंगे.

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दरअसल फोनपे को यूएई के केंद्रीय बैंक से दो पेमेंट लाइसेंस के लिए इन प्रिंसिपल अपरुवल मिल चुका है. अब कंपनी को वहां अपना कारोबार शुरु करने से पहले मंजूरी हासिल करनी होगी.  दो तरह की पेमेंट सेवाओं की मंजूरी

फोन-पे को जिन दो लाइसेंस को शुरुआती अनुमति मिली है, उनमें से रिटेल पेमेंट सर्विस एंड कार्स स्कीम्स और स्टोर्ड वैल्यू फैसेलिटीज शामिल हैं. इन मंजूरियों के जरिए कंपनी यूएई में रिटेल पेमेंट सेवाओं, कार्ड से जुड़ी सुविधाओं और स्टोर्ड-वैल्यू आधारित पेमेंट प्रोडक्ट्स की दिशा में आगे बढ़ सकेगी.

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Stored Value Facilities के तहत वॉलेट जैसे डिजिटल पेमेंट प्रोडक्ट उपलब्ध कराने की संभावना होती है. वहीं रिटेल पेमेंट सर्विस एंड कार्स स्कीम्स से जुड़े लाइसेंस के जरिए कंपनी मर्चेंट पेमेंट और अन्य घरेलू पेमेंट सेवाओं से भी जुड़ सकती है.

अंतिम मंजूरी के बाद शुरू होगा स्थानीय कारोबार

फिलहाल फोनपे को मिली मंजूरी शुरुआती स्तर पर है. यूएई में पूरी तरह से स्थानीय रूप से लाइसेंस प्राप्त कारोबार शुरू करने के लिए कंपनी को आगे की नियामक प्रक्रिया पूरी करनी होगी. अंतिम हामी मिलने के बाद फोनपे स्थानीय बैंकों, लाइसेंस प्राप्त पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ सकती है.

Aani और Jaywan से जुड़ने की तैयारी

फोनपे यूएई के स्थानीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम Aani और Jaywan के साथ संभावित तौर पर काम करने के अवसर तलाश रही है. Aani यूएई का घरेलू इंस्टेंट पेमेंट प्लेटफॉर्म है, जबकि Jaywan देश के राष्ट्रीय कार्ड पेमेंट नेटवर्क से जुड़ा है. स्थानीय पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जुड़ाव से फोनपे को यूएई के डिजिटल पेमेंट बाजार में अपनी सेवाएं विकसित करने में मदद मिल सकती है.

यूएई बना फोनपे का पहला विदेशी बाजार

यूएई में स्थानीय ऑपरेशन शुरू करना फोनपे के लिए खास है, क्योंकि यह कंपनी का पहला ऐसा विदेशी बाजार है जहां वह स्थानीय रूप से लाइसेंस प्राप्त कारोबार स्थापित करने की दिशा में बढ़ रही है. फोनपे की शुरुआत 2016 में हुई थी और भारत में इसका प्रमुख कारोबार डिजिटल पेमेंट, बिल भुगतान, रिचार्ज और अन्य सेवाओं से जुड़ा है.

यूएई में कंपनी की मौजूदा मौजूदगी भारतीय यात्रियों के लिए होने वाले UPI पेमेंट से भी जुड़ी रही है. नई मंजूरियों के बाद कंपनी का लक्ष्य यूएई के स्थानीय ग्राहकों और कारोबारियों के लिए भी पेमेंट सेवाओं का विस्तार करना है.

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