Petrol-Diesel Price Hike Live Updates: आम आदमी की बढ़ीं मुश्किलें, 10 दिनों में 7 रुपये से अधिक महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल
Petrol-Diesel Price Hike Live: अमेरिका-ईरान वॉर, पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज की नाकेबंदी ने कच्चे तेल की सप्लाई पर असर डाला है. इससे वैश्विक बाजारों में क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छू रही हैं.
LIVE

Background
Petrol, diesel price today live updates: सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.61-2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. दो हफ्ते से भी कम समय में यह लगातार चौथी बढ़ोतरी है. अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ अब सरकारी तेल कंपनियां धीरे-धीरे ग्राहकों पर डालने लगी है.
कीमतों में लंबे समय से कोई बदलाव नहीं होने के बाद 15 मई को अचानक से जब कीमतें बढ़ीं, तो लोगों में अफरा-तफरी मच गई. फ्यूल स्टेशनों में लोगों की भीड़ जमा होने लगी. तब से लेकर अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है. यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हुई हैं. भले ही आज ब्रेंट क्रूड ऑयल में 5% तक की गिरावट आई है. कीमतें बढ़ने से और रुपया कमजोर होने से तेल मार्केटिंग कंपनियों की आयात लागत पर दबाव बढ़ गया है.
ये भी पढ़ें:
क्या अभी और बढ़ेंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
पेट्रोल-डीजल की कीमतें 4 बार बढ़ाए जाने के बाद भी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर 10 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 13 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है. हर रोज इतनी बड़ी रकम का नुकसान उठाना कोई आसान बात नहीं है. कंपनियों को वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आगे कीमतें और बढ़ानी पड़ सकती है.
होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) अगर अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बात खुल भी जाए, तो स्थिति सामान्य होने में अभी लंबा वक्त लगेगा.
इस बीच, अमेरिका और उत्तरी यूरोप से आने वाले तेल टैंकरों का समुद्री बीमा प्रीमियम और फ्रेंट चार्ज में भी काफी इजाफा हो चुका है. इनकी भरपाई रिटेल स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही हो सकेगी.
कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट
देश में आज चौथी बार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने के बीच आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों गिरावट आई है. ब्रेंट क्रूड 5.4% तक गिरकर 97.97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 92 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है. इससे आने वाले समय में IOCL, BPCL, HPCL जैसी तेल कंपनियों को हो रहा घाटा कम होने की संभावना है. चूंकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल अब सस्ता हो रहा है इसलिए भारतीय तेल कंपनियों पर पेट्रोल-डीजल के दाम और ज्यादा बढ़ाने का दबाव भी खत्म होने की उम्मीद है. तेल सस्ता होगा, तो महंगाई में भी कमी आएगी. यही वजह है कि आज भारतीय शेयर बाजार (Sensex-Nifty) में इतनी जबरदस्त तेजी देखने को मिली.


























