Petrol-Diesel: पेट्रोल-डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला, 1 जून से टैक्स कटौती का किया ऐलान; क्या होगा असर?
Petrol-Diesel: तेल कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने एक बड़ा फैसला ले लिया है. इसके तहत, पेट्रोल, डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी में कटौती की जाएगी. यह 1 जून से लागू होगा.

- सरकार ने पेट्रोल, डीजल, ATF पर निर्यात शुल्क घटाया.
- पेट्रोल पर 1.5, डीजल पर 13.5, ATF पर 9.5 रु ड्यूटी.
- आम उपभोक्ताओं की कीमतों पर सीधा असर नहीं होगा.
- रिफाइनरियों को निर्यात में राहत, अप्रत्याशित लाभ पर संतुलन.
Petrol-Diesel Export Duty Cut: सरकार ने पेट्रोल-डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर बड़ा फैसला लिया है. शनिवार, 30 मई को सरकार की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि 1 जून से पेट्रोल, डीजल और ATF के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को कम कर दिया जाएगा.
इसके तहत, पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को घटाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया, डीजल पर रेट कम कर 13.5 रुपये प्रति लीटर किया गया. इसके अलावा, एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर भी निर्यात शुल्क घटाकर 9.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.
सरकार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों की समीक्षा के बाद हर 15 दिन में इस टैक्स रेट में संशोधित करती है. इस बार के लिए नई दरें इस प्रकार हैं:-
पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी- घटाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया. पहले यह 3 रुपये थी.
डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी- घटाकर 13.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया. पहले यह 16.50 रुपये थी.
ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी- इसे भी घटाकर 9.50 रुपये प्रति लीटर किा गया, जो पहले 16 रुपये थी.
आम उपभोक्ताओं पर असर
पेट्रोल-डीजल पर कम हुई एक्सपोर्ट ड्यूटी का आम उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं होगा. देश के स्थानीय पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई कमी नहीं आएगी. सरकार की तरफ से उठाया गया यह कदम रिलायंस (Reliance) और नयारा (Nayara) जैसी उन तेल रिफाइनियों के लिए फायदेमंद है, जो भारत से विदेशों में ईंधन का निर्यात करती हैं. सरकार के इस फैसले से एक्सपोर्ट पर अब उनका खर्च पहले के मुकाबले कम बैठेगा.
क्यों घटाया जा रहा टैक्स?
सरकार हर 15 दिन में टैक्स की समीक्षा करती है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें थोड़ी कम होती हैं या स्थिर रहती हैं, तो रिफाइनिंग कंपनियों का अप्रत्याशित मुनाफा (Windfall Profit) भी कम हो जाता है. इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार ने 1 जून से निर्यात शुल्क में कमी लाने का फैसला लिया है.
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