दुनियाभर में ऑनलाइन पेमेंट्स का डंका बजता है. भारत भी डिजिटल दौर में आगे बढ़ रहा है और यहां पर भी अधिकतर डिजिटल पेमेंट्स का ही इस्तेमाल किया जाता है. ये पेमेंट्स एक टैप में बड़ी ही आसानी से हो जाते हैं. तो वहीं दूसरी तरफ एक मुल्क ऐसा भी है जहां ऑनलाइन पेमेंट्स से ज्यादा कैश का इस्तेमाल किया जाता है. ये देश है पाकिस्तान, जहां के लोग आज भी कैश पर ही निर्भर हैं.
हालांक ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान में डिजिटल पेमेंट मोड शुरू नहीं हुआ है. बल्कि यहां पर भी मोबाइल फोन से पैसे का लेन-देन, बिजली का बिल ऑनलाइन भरना, दुकानों पर खरीदारी के लिए QR कोड रखे रहेत हैं, लेकिन फिर भी यहां की जनता कैश में ही डील करती है.
क्यों नहीं इस्तेमाल किया जाता UPI?दरअसल BBC की माने को पाकिस्तान की आवाम को डिजिटल पेमेंट्स पर खास भरोसा नहीं है. जिसके चलते वे लोग कैश का ही ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. वित्तीय मामलों की एक्सपर्ट फरजीन जहरा बताती हैं कि, पाकिस्तान में डिजिटल पेमेंट्स का चलन बढ़ रहा है, लेकिन इसे अपनाने में कई परेशानियां भी आ रही हैं. जैसे:
- धोखाधड़ी का डर होना, लोगों को लगता है कि कहीं उनके खाते से पैसे चोरी न हो जाएं.
- तकनीकी जानकारी की कमी होना, पाकिस्तान के बहुत से लोगों को मोबाइल एप और QR कोड इस्तेमाल करना नहीं आता. ऐसे में उन्हें लगता है कि कोई गड़बड़ ना हो जाए.
- पाकिस्तान के कई इलाकों में इंटरनेट की समस्या भी रहती है, जिसके कारण पेमेंट करने में दिक्कत आती है.
- कुछ लोगों का तो बैंक खाता ही नहीं है, क्योंकि यहां बैंक खाता खोलने में भी परेशानी होती है.
- धोखेबाज फोन करके लोगों से बैंक की जानकारी या PIN हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं.
महिलाएं भी नहीं करतीं डिजिटल पेमेंटपाकिस्तान की लाखों महिलाएं अपने घर से ही छोटे- मोटे कारोबार करती हैं. डिजिटल पेमेंट से उन्हें ग्राहकों से पैसे लेने और अपना व्यवसाय बढ़ाने के नए अवसर मिले हैं. लेकिन उन्हें इसमें ये समस्य आती है कि इससे उनकी निजी जानकारी की सुरक्षित नहीं रहती. उन्हें ये भी डर रहता है कि अगर ऑनलाइन धोखाधड़ी हो गई, तो पैसे वापस कैसे मिलेंगे? शिकायत कहां दर्ज करानी होगी? और अगर उनका खाता हैक हो गया, तो क्या होगा?
इसके अलावा, OTP के गलत इस्तेमाल, साइबर सिक्योरिटी और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसी समस्याएं भी उनके लिए बड़ी चिंता है. पाकिस्तान के लोगों को खासतौर से महिलाओं को जब तक डिजिटल सिस्टम सुरक्षित और भरोसेमंद नहीं लगेगा, तब तक वो इसे पूरी तरह नहीं अपनाएंगे.
बढ़ रहा है डिजिटल पेमेंटहालांकि ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान में डिजिटल पेमेंट बिलकुल भी नहीं हो रहा है. बल्कि पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल काफी बढ़ा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एक साल में मोबाइल बैंकिंग एप इस्तेमाल करने वालों की संख्या 9.5 करोड़ से बढ़कर 13.7 करोड़ हो गई. वहीं, QR कोड से पेमेंट लेने वाले दुकानदारों की संख्या में 300% की बढ़ोतरी हुई है.
इस बदलाव में मोबाइल बैंकिंग एप के साथ-साथ सरकार के रास्त (Raast) नाम के डिजिटल पेमेंट सिस्टम की भी अहम भूमिका है. इसके जरिए लोग बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट से बिना एक्स्ट्रा शुल्क के पैसे भेज सकते हैं.
कैश पेमेंट भी लगातार बढ़ रहा हैडिजिटल पेमेंट बढ़ने के साथ-साथ नकद पैसों का इस्तेमाल भी पाकिस्तान में बढ़ रहा है. पाकिस्तान के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, बाजार में चल रही नकदी की मात्रा पिछले साल 1,108 अरब पाकिस्तानी रुपये थी, जो बढ़कर 1,294 अरब रुपये हो गई. इसका मतलब है कि लोग डिजिटल भुगतान अपना रहे हैं, लेकिन नकद पैसों पर उनका भरोसा अभी भी बना हुआ है.
क्यों है नकदी पर भरोसा?बता दें कि पाकिस्तान में कई लोग डिजिटल पेमेंट के दौरान धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं. धोखाधड़ी भी ऑनलाइ नहीं बल्कि ऐसी कि कई दुकानदारों के पास ग्राहक आते हैं सामान खरीदते हैं और उन्हें कहते हैं कि पेमेंट हो गई है, पैसे खाते में आ जाएंगे. लेकिन जब दुकानदार चेक करता है तो खाते में कोई पैसे नहीं आए होते हैं. इन्हीं सब समस्याओं के कारण यहां के लोग डिजिटल भुगतान पर कम ही भरोसा करते हैं.
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