Oyo IPO: हॉस्पिटैलिटी बिजनेस से जुड़ी कंपनी ओयो (Oyo) की पैरेंट कंपनी प्रिज्म (PRISM) इस साल अपना आईपीओ लेकर आ रही है. पहले इसका नाम Oravel Stays था. बताया जा रहा है कि कंपनी ने कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास कॉन्फिडेंशियल तरीके से अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) प्री-फाइल कर दिया है. इसी के साथ इसके आईपीओ लाने का रास्ता भी साफ होता नजर आ रहा है.
Zepto, PhonePe, PhysicsWallah, Tata Capital, Meesho, Groww, boAt और Shiprocket जैसी कंपनियों के बाद PRISM स्टॉक एक्सचेंज में अपने शेयर लिस्ट कराने के लिए कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग मैकेनिज्म चुनने वाली 19वीं कंपनी है.
7-8 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर नजर
OYO की पेरेंट कंपनी PRISM का प्लान आईपीओ के जरिए 6,650 करोड़ रुपये तक जुटाने का है. कंपनी इस आईपीओ के लिए लगभग 7 से 8 अरब डॉलर (करीब 70 रुपये प्रति शेयर) के वैल्यूएशन पर नजरें गड़ाए हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, शेयरहोल्डर्स ने 20 दिसंबर, 2025 को हुई एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग में फंड जुटाने की कंपनी की योजना को मंजूरी दे दी थी.
इस साल जून में फॉर्च्यून इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में OYO के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने कहा था कि कंपनी एक इंडिपेंडेंट बोर्ड, मजबूत गवर्नेंस और हाई-क्वालिटी अर्निंग्स के साथ IPO के लिए तैयार रहने पर फोकस कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि जब ये बुनियादें मजबूती से बन जाएंगी, तो पब्लिक ऑफरिंग पर आखिरी फैसला OYO का बोर्ड लेगा.
IPO लाने की कई बार की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, ICICI सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स और सिटीबैंक इस इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं और हाल ही में सिंडिकेट में और भी बैंक जोड़े गए हैं. इससे पहले PRISM आईपीओ लाने के लिए दो बार कोशिश कर चुकी है. पहले कंपनी ने साल 2021 में IPO के लिए अप्लाई किया था, लेकिन उस समय कोरोना महामारी और रूस और यूक्रेन के बीच जंग के चलते ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच प्लान वापस लेना पड़ा.
इसके बाद 2023 में फिर से कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास एक रिवाइज्ड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) सबमिट किया. कंपनी का प्लान उसी साल आईपीओ लाने का था, लेकिन फिर से बात आगे नहीं बढ़ पाई और कंपनी ने आखिरकार 17 मई, 2024 को अपना IPO एप्लीकेशन वापस ले लिया. बाद में खबरें आईं कि OYO अक्टूबर 2025 तक मार्केट में डेब्यू करने की सोच रहा है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के ऐलान के बाद मार्केट में एक बार फिर से भारी उतार-चढ़ाव के बीच इसमें देरी हुई.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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