प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए अब राहत की खबर है. केंद्र सरकार ने बाजार में प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए अपने बफर स्टॉक से प्याज की रियायती बिक्री शुरू कर दी है. सरकार की ओर से 17 शहरों में अब तक करीब 4,000 टन बफर बेचा जा चुका है. बड़ी बात यह है कि चुनिंदा शहरों में ग्राहकों को प्याज 35 रुपये प्रति किलो की रियायती कीमत पर दिया जा रहा है. 

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सरकार का कहना है कि इस कदम का असर अब बाजार में भी दिखाई देने लगा है और प्याज की कीमतों में कुछ कमी आई है. ऐसे में आने वाले दिनों में नई खरीफ फसल की अवाक शुरू होने के बाद कीमतों में और राहत मिलनी की उम्मीद है. 

सरकार ने कितना प्याज स्टॉक कर रखा है?

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केंद्र सरकार ने साल 2026 के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार कर रखा है. ऐसे में इस प्याज को जरूरत के हिसाब से अलग-अलग राज्यों और शहरों में भेजा जा रहा है. सरकार अपनी एजेंसियों NCCF और NAFED स्टॉक के जरिए बाजार में प्याज की सप्लाई कर रही है.

प्याज को उत्पादक राज्यों से बड़े शहरों तक पहुंचाने के लिए ट्रकों के अलावा 'कंडा एक्सप्रेस' जैसी स्पेशल ट्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि दिल्ली और चेन्नई तक बड़ी मात्रा में प्याज पहुंचाया जा चुका है. अब गुवाहाटी के लिए भी प्याज भेजने की तैयारी की जा रही है.

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35 रुपये किलो में कहां मिल रहा प्याज?

सरकार ने कुछ ऐसे शहरों को चुना है जहां प्याज की कीमतें काफी ज्यादा थी. सरकार की ओर से इन जगहों पर बफर स्टॉक का प्याज 35 रुपये प्रति किलो की रियायती कीमत पर बेचा जा रहा है. NCCF के मुताबिक अब तक करीब 1,500 टन प्याज खुदरा बिक्री के जरिए बेचा जा चुका है. 

किन राज्यों में हो रही बफर प्याज की बिक्री?

  • दिल्ली-एनसीआर
  • तमिलनाडु
  • उत्तर प्रदेश
  • केरल
  • राजस्थान
  • पंजाब
  • ओडिशा

सरकार के कदम से कितनी गिरी प्याज की कीमत?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रियायती बिक्री शुरू होने से पहले 28 अगस्त को प्याज का आखिल भारतीय औसत खुदरा भाव 48.50 रुपये प्रति किलो था. वहीं 5 सितंबर को यह कीमत बढ़कर करीब 50.79 रुपये प्रति किलो हो गया था. वहीं अलग-अलग शहरों में 5 सितंबर को प्याज के दाम इस तरह रहे हैं. 

  • दिल्ली: 58 रुपये प्रति किलो
  • मुंबई: 53 रुपये प्रति किलो
  • चेन्नई: 63 रुपये प्रति किलो
  • रांची: 40 रुपये प्रति किलो
  • औसत थोक कीमत: 42.79 रुपये प्रति किलो

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