New Labour Codes India: केंद्र सरकार की ओर से शुक्रवार को श्रम कानूनों में बड़े बदलाव और सुधार की घोषणा की गई हैं. सरकार की ओर से पुराने श्रम कानूनों को बदलकर 4 नए लेबर कोड लागू किए गए हैं. केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इस बात की जानकारी दी हैं.

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उन्होंने इस कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कामगारों के लिए उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताया हैं. जो श्रमिकों को सुरक्षा और आर्थिक मजबूती के साथ-साथ गरिमा से काम करने का अवसर भी देती है.

साथ ही, प्रधानमंत्री ने भी इस संबंध में एक्स पर लिखा कि,  आज हमारी सरकार ने चार लेबर कोड लागू कर दिए हैं. साथ ही उन्होंने इस लेबर कोड को आजादी के बाद से सबसे बड़ा और प्रगतिशील श्रमिक केंद्रित सुधार बताया हैं. जिससे कामगारों को और ज्यादा ताकत मिलेगी और बिजनेस करना पहले से ज्यादा आसान होगा.

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कौन से हैं ये 4 लेबर कोड?

सरकार के द्वारा जो चार 4 लेबर कोड लागू किए गए हैं, वे वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा संहिता हैं. आजादी के बाद से देश में बने 29 पुराने श्रमिक कानूनों को अब इन चार नए कोड में समाहित कर दिया गया है.

सरकार का मानना है कि, अभी की अर्थव्यवस्था और काम करने के तरीकों के लिए पुराने कानून उपर्युक्त नहीं हो सकते. नियम भी आज की तरह ही आधुनिक होने चाहिए. इसलिए इस बदलाव का फैसला लिया गया है. 

कंपनी को देना होगा नियुक्ति पत्र

सरकार के ओर से फैसला लिया गया हैं कि, कंपनी अब हर कर्मचारी को नियुक्ति के समय अप्वाइंटमेंट लेटर अनिवार्य रुप से देगी. जिससे पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा और कंपनी की मनमानी पर रोक लगाई जा सकेगी. साथ ही देश के करीब 40 करोड़ अंसगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाएगा. जिससे उन्हें पीएफ, ईएसआईसी (ESIC) और पेंशन जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी.

ग्रैच्युटी के नियम भी बदले

नए नियमों के लागू होने से निजी कंपनियों में काम करने वालों के लिए बड़ा फायदा हो सकता हैं. पहले ग्रैच्युटी पाने के लिए 5 साल एक ही कंपनी में काम करना जरूरी था, लेकिन अब फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉइज (FTE) सिर्फ 1 साल नौकरी करने पर भी ग्रैच्युटी के हकदार होंगे. इससे उन कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा जो कम अवधि के कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं और पहले उन्हें यह सुविधा नहीं मिल पाती थी. 

ओवरटाइम से जुड़े नियम भी बदलाव किए गए है. इन बदलावों के तहत अगर कोई कर्मचारी तय समय से ज्यादा काम करता है, तो कंपनी को उसे दोगुना वेतन देना होगा. साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कर्मचारियों का वेतन समय पर मिले, ताकि महीने के आखिर में किसी को आर्थिक परेशानी न उठानी पड़े.

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