Meta Layoffs: पिछले साल माइक्रोसॉफ्ट और टीसीएस समेत दुनियाभर की कई बड़ी आईटी और टेक कंपनियों ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की थी. अब ऐसा संकेत मिल रहा है कि साल 2026 में भी यह सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा इस साल करीब 1,500 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी में है. यह छंटनी मेटा के रियलिटी लैब्स डिविजन में की जाएगी, जहां कर्मचारी अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहे हैं.
मेटा की ओर से उठाया गया यह कदम कंपनी के बड़े रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है. कंपनी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश पर फोकस कर रही है, जिसके चलते अन्य सेगमेंट्स में लागत घटाने की कोशिश की जा रही है.
मेटा करेगा बड़ी छंटनी
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों की छंटनी का औपचारिक ऐलान मंगलवार को किया जा सकता है. इस फैसले का असर रियलिटी लैब्स यूनिट में काम कर रहे करीब 10 प्रतिशत वर्कफोर्स पर पड़ेगा. फिलहाल इस डिविजन में लगभग 15,000 कर्मचारी कार्यरत हैं.
रियलिटी लैब्स मेटा का वह अहम डिविजन है, जो ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) से जुड़े प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म्स का काम संभालता है. इसकी शुरुआत ओकुलस के रूप में हुई थी, जो वीआर हेडसेट बनाने वाला एक स्टार्टअप था. इस स्टार्टअप की स्थापना पामर लकी ने की थी और बाद में इसे क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म किकस्टार्टर से फंडिंग मिली. साल 2014 में फेसबुक ने ओकुलस का अधिग्रहण कर लिया था, जिसके बाद यह मेटा के वीआर और एआर हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर का केंद्रीय हब बन गया.
ऐलान से पहले कर्मचारियों में बेचैनी
छंटनी के औपचारिक ऐलान से पहले ही कंपनी के भीतर हलचल तेज हो गई है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर एंड्रयू बॉसवर्थ ने बुधवार को रियलिटी लैब्स के सभी कर्मचारियों की एक अहम बैठक बुलाई है. इसे साल की सबसे महत्वपूर्ण बैठक बताया जा रहा है.
कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस बैठक में व्यक्तिगत रूप से जरूर शामिल हों. खास बात यह है कि यह बैठक संभावित छंटनी के ऐलान से ठीक एक दिन पहले बुलाई गई है, जिससे कर्मचारियों के बीच चिंता और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.