हर घर की रोजाना की जरूरतों में से एक चीनी भी है. इस समय चीनी के दाम ने भी एक आम व्यक्ति के किचन के बजट को हिलाकर रखा हुआ है, लेकिन ऐसे में अगर चीनी मिलों की कमाई केवल चीनी बेचने तक ही रहे तो मिलों के लिए अपना मुनाफा बनाकर चलना आसान नहीं होगा. इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मिलों को कुछ जरूरी दिशा में कदम उठाने की सलाह दी है, उनका मानना है कि केवल चीनी मिलों का चीनी बेचने से ही काम नहीं चलेगा, बल्कि कुछ दूसरे प्रोडेक्ट बनाने पर भी जोर देना चाहिए.

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चीनी मिलों से कहा है कि वे केवल चीनी का उत्पादन और बेचने पर ही ध्यान न दें, बल्कि गन्ने और उससे जो कचरा निकलता है उसका भी इस्तेमाल करें. 

दूसरे प्रोडक्ट बनाने पर दें ध्यान- नितिन गडकरी

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नितिन गडकरी का कहना है कि मिलों को चीनी के अलावा मिलों को अब दूसरे प्रोडक्ट भी बनाने पर ज्यादा जोर देना चाहिए, जैसे इथेनॉल,सस्टेनेबव एविएशन फ्यूल, बायो-फर्टिलाइजर. 

दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने पर फोकस

मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण देश में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर भी असर पड़ा था, जिसके बाद सरकार का फोकस इथेनॉल ब्लेंडिंग यानी पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने पर ही है, ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम की जा सके. इसलिए E20 पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए इथेनॉल की जरूरत भी बढ़ी है. 

गडकरी ने कहा कि खेती और दूसरे जैविक कचरे से CBG बनाने से गैस, पेट्रोल, डीजल के लिए दूसरे देशों पर भी निर्भरता को कम करने में काफी मदद मिल सकती है. यानी मतलब साफ है कि अगर चीनी मिल केवल चीनी के उत्पादन के अलावा अगर फोकस इथेनॉल, CBG बनाने पर किया जाए तो इससे कमाई बढ़ाई जा सकती है और इसका फायदा किसानों को भी मिल सकता है.

मिलों की कमाई बढ़ाने पर दिया ध्यान

नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि गन्ने की खोई और खेती से निकलने वाले दूसरे कचरे से CBG जैसे ईंधन बनाए जा सकते हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे मिलों की कमाई में इजाफा हो सकता है. इतना ही नहीं, बल्कि किसानों को भी गन्ने का ज्यादा दाम मिल सकता है.

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