नई दिल्लीः बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में बुधवार को 550 अंक की जोरदार गिरावट आई. कमजोर बाजार रुख के मुताबिक बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों के निवेशकों की पूंजी 1.71 लाख करोड़ रुपये घटी है.

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 550.51 अंक या 1.51 फीसदी के नुकसान से 35,975.63 अंक पर आ गया. इससे बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) 1,71,287.84 करोड़ रुपये घटकर 1,43,71,351.05 करोड़ रुपये रह गया.

इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में कारोबार के दौरान रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 73.41 प्रति डॉलर पर आ गया. वहीं ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया. इन सब कारकों से बाजार सेंटीमेंट पर असर देखा गया.

कैसा रहा शेयर बाजार बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स बुधवार को 550 अंक टूटकर 36,000 अंक के स्तर से नीचे आ गया. रुपये के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर आने, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त और विदेशी कोषों की निकासी से बाजार में जोरदार गिरावट रही. बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कमजोर रुख से खुलने के बाद और नीचे आया. यह एक समय 35,911.82 अंक तक गिर गया था. अंत में सेंसेक्स 550.51 अंक या 1.51 फीसदी के नुकसान से 35,975.63 अंक पर बंद हुआ. इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 299 अंक चढ़ा था.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगातार निगेटिव दायरे में रहा और एक समय दिन के निचले स्तर 10,843.75 अंक पर आ गया. अंत में निफ्टी 150.05 अंक या 1.36 फीसदी के नुकसान से 10,858.25 अंक पर बंद हुआ.

भारतीय रिजर्व बैंक की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक बुधवार को शुरू हुई. इससे निवेशकों ने सतर्कता का रुख अपनाया. माना जा रहा है कि मौद्रिक नीति समिति ब्याज दरों में चौथाई फीसदी की बढ़त कर सकती है. इस बीच, ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है.

इस बीच, शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार सोमवार को विदेशी फंड ने 1842 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1805 करोड़ रुपये की लिवाली की.