जब आप थियेटर में फिल्म देखने जाते हैं तो फिल्म से पहले दर्शकों को कुछ विज्ञापन और ट्रेलर दिखाए जाते हैं. लेकिन अगर ये विज्ञापन हद से ज्यादा चलाए जाएं और शो लेट शुरू हो तो ग्राहक परेशान हो जाते हैं. इस बार मशहूर PVR INOX को हद से ज्यादा विज्ञापन दिखाना भारी पड़ गया. समझें पूरा मामला क्या है. 

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मामला हैदराबाद का है, जहां फिल्म शुरू होने में 22 मिनट की देरी को लेकर PVR INOX के खिलाफ एक ग्राहक की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई. यह मामला 20 जून साल 2025 का बताया जा रहा है. हैदराबाद के मूसीरामबाग स्थित नेक्स्ट गैलेरिया मॉल के PVR में अधिवक्ता चंदा अतीश कुमार ने तेलुगु फिल्म 'कुबेरा' के लिए दो टिकट खरीदे लिए थे. टिकट पर शो का समय रात 10:35 बजे दर्ज था.

दर्शक तय समय पर फिल्म शुरू होने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन 10:35 बजे के बाद भी स्क्रीन पर कमर्शियल विज्ञापन और फिल्म ट्रेलर चलते रहे. इसके बाद अन्य जागरूकता संबंधी वीडियो भी दिखाए गए. आखिरकार फिल्म रात करीब 10:52 बजे शुरू हुई, यानी स्क्रीनिंग में लगभग 22 मिनट की देरी हुई. देरी से प्रभावित हुआ रात का सफर

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शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि देर से फिल्म शुरू होने का असर उनके वापस लौटने के कार्यक्रम पर भी पड़ा. उनका कहना था कि रात के शो में हुई देरी के कारण उन्हें देर रात यात्रा करनी पड़ी और उनका घर पहुंचने का समय काफी आगे बढ़ गया.

उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक कार्यालय ज्ञापन का भी हवाला दिया और दावा किया कि निर्धारित समय से अधिक अवधि तक व्यावसायिक सामग्री दिखाना दर्शकों के हितों के खिलाफ है. PVR INOX ने दी ये दलील

कंपनी की ओर से कहा गया कि विज्ञापन, फिल्म ट्रेलर और जनहित से जुड़े वीडियो दिखाना सिनेमा व्यवसाय का हिस्सा है. PVR INOX ने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के केसी सिनेमा बनाम जम्मू-कश्मीर राज्य मामले का भी उल्लेख किया.

हालांकि, उपभोक्ता आयोग कंपनी के तर्क से सहमत नहीं हुआ. आयोग ने माना कि टिकट पर दिया गया शो टाइम दर्शक को तय समय पर सेवा मिलने की उम्मीद देता है. तय समय के बाद लंबे समय तक व्यावसायिक सामग्री दिखाकर फिल्म शुरू करने में देरी करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के दायरे में आता है. 

शिकायतकर्ता को मिला 25000 का मुआवजा

हैदराबाद के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने PVR Cinemas और PVR INOX को शिकायतकर्ता को पूरे 20 हजार रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया. इसके अलावा 5 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के तौर पर देने होंगे. साथ ही 50 हजार रुपये दंडात्मक हर्जाना जिला उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का आदेश दिया गया. इस तरह कुल रकम 75 हजार रुपये हो जाती है.

कंपनी को आदेश का पालन करने के लिए 45 दिन का समय दिया गया है. तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा.

आगे के लिए भी निर्देश

आयोग ने PVR INOX को भविष्य में इस तरह तय शो टाइम के बाद लंबे समय तक व्यावसायिक सामग्री चलाकर फिल्म की शुरुआत में देरी नहीं करने का निर्देश दिया है. यह  फैसला उन दर्शकों के लिए अहम माना जा रहा है, जो टिकट पर दिए गए समय के मुताबिक फिल्म शुरू होने की उम्मीद करते हैं.

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