MSME Bill Passed in Lok Sabha: सोमवार यानी 3 अगस्त को राज्यसभा में छोटे और मध्यम कारोबारियों की परेशानियां देखते हुए MSME (संशोधन) बिल को पास किया गया था. जिसके बाद आज यानी 7 अगस्त, शुक्रवार को ये बिल लोकसभा में भी पास हो गया है, खास बात ये रही इस बिल को लेकर सदन में कोई चर्चा नहीं हुई. विपक्ष के हंगामे के कारण इसे जल्दी ही पास कर दिया गया. अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद कानून बनाया जाएगा.
क्या है बिल का मकसद?इस बिल का मकसद छोटे कारोबारियों को उनके सामान या सेवाओं का भुगतान समय पर दिलाना और भुगतान में होने वाली देरी की परेशानी को कम करना है. सरकार का कहना है कि कई छोटे कारोबारियों को बड़ी कंपनियों और सरकारी संस्थानों से समय पर भुगतान नहीं मिलता. इससे उनके कारोबार, कैश फ्लो और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ता है.
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नए कानून से क्या होगा फायदा?सरकार के द्वारा लाए जा रहे इस नए कानून के जरिए भुगतान से जुड़े विवादों का जल्दी से जल्दी समाधान करने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही इस बिल में छोटे, लघु और मध्यम कारोबारियों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने का भी प्रस्ताव है. इस प्लेटफॉर्म पर MSME अपना रजिस्ट्रेशन मुफ्त करवा सकते हैं. जिसके चलते इसकी मदद से ये रजिस्ट्रेशन आसानी से हो पाएगा. जिससे दुकानदारों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
कानूनी प्रक्रिया होगी आसानइस संशोधित बिल के जरिए बकाया राशि की वसूली प्रक्रिया भी तेज करने की कोशिश की जाएगी. बिल में ये भी प्रावधान किया गया है कि अगर किसी मामले में अदालत या अन्य प्राधिकरण का फैसला MSME के पक्ष में आ जाता है और खरीदार उस फैसले को चुनौती देता है, तो लंबे समय तक मामला लंबित रहने की स्थिति में अदालत खरीदार को MSME को कम से कम 50 प्रतिशत राशि देने का आदेश दे सकती है. इससे छोटे कारोबारियों को कई सालों तक भुगतान का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
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सरकार का मानना है कि इस कानून से छोटे उद्योगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, कारोबार करना आसान होगा और उन्हें समय पर पैसा मिलने से उत्पादन व रोजगार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
