LIC Share Price: एलआईसी ने इन कंपनियों को शामिल किया अपने पोर्टफोलियो में, क्या आपके पास है ये स्टॉक?
LIC Portfolio: तीसरी तिमाही में LIC समेत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1.86 लाख करोड़ के शेयर्स खरीदे हैं जबकि विदेशी निवेशकों ने 11,788 करोड़ के शेयरों की बिकवाली की है.

LIC News Update: छोटे और रिटेल निवेशक ये देखकर अपना पोर्टफोलियो तैयार करते हैं कि संस्थागत निवेशक का पंसदीदा स्टॉक्स कौन है. साथ ही संस्थागत निवेशकों से लेकर म्यूचुअल फंड्स ने कौन से शेयर्स खरीदें है और किसे बेचा है या किसमें अपनी हिस्सेदारी को कम किया है. सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी एलआईसी देश की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशकों में से एक है. विदेशों निवेशकों ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में जहां जमकर बिकवाली की है. एलआईसी में बिकवाली के चलते शेयरों के भाव में आई बड़ी गिरावट के बाद तीसरी तिमाही में 19400 करोड़ के शेयर्स तीसरी तिमाही में खरीद डाले.
एलआईसी ने बाजार के सेंटीमेंट बिगड़ने के बावजूद दूसरी तिमाही में खरीदे गए 18094 करोड़ के स्टॉक्स के मुकाबले तीसरी तिमाही में इससे ज्यादा 19400 करोड़ के शेयर्स खरीदे. हालांकि मौजूदा वित्त वित्त वर्ष की पहली तिमाही 23516 करोड़ के मुकाबले ये कम है. मनीकंट्रोल में primeinfobase.com के हवाले से बताया कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एलआईसी ने 8 नई कंपनियों के शेयर्स अपने पोर्टफोलियो में शामिल किए हैं जबकि 81 में हिस्सेदारी को बढ़ाया है जबकि 87 कंपनियों में हिस्सेदारी को कम किया है. एलआईसी के पोर्टफोलियो में 286 स्टॉक्स शामिल हैं जिसका वैल्यू करीब 15.29 लाख करोड़ है. जबकि दूसरी तिमाही के खत्म पर एलआईसी के पोर्टफोलियो का वैल्यू 16.76 लाख करोड़ रुपये था.
एलआईसी ने तीसरी तिमाही में अपने फोर्टफोलियो में जिन कंपनियों को शामिल किया है उनमें मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki , नेस्ले इंडिया ( Nestle India) पी एंड जी ( Procter & Gamble Hygiene), एनएमडीसी (NMDC), रिलायंस इंडस्ट्रीज और हिंदुस्तान जिंक शामिल है. तीसरी तिमाही में आईपीओ लाने वाले हुंडई मोटर इंडिया, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी, कोचीन शिपयार्ड, रामकृष्ण फोर्जिंग्स, आरबीएल बैंक और ओसीसीएल लिमिटेड में एलआईसी ने निवेश किया है. जबकि टाटा पावर, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस, डिविज लैब, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा और वेदांता में अपनी हिस्सेदारी में कटौती की है.
एलआईसी और म्यूचुअल फंड समेत दूसरे घरेलू संस्थागत निवेशकों के चलते ही भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवेशकों की बड़ी बिकवाली के बावजूद टिका हुआ है. तीसरी तिमाही में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1.86 लाख करोड़ के शेयर्स खरीदे हैं जबकि विदेशी निवेशकों ने 11,788 करोड़ के शेयरों की बिकवाली की है.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
ये भी पढ़ें:
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























