TCS को बड़ा झटका, यूएस कोर्ट ने 194 मिलियन डॉलर हर्जाना बरकरार रखने का लिया फैसला
ये पूरा मामला साल 2019 में उस वक्त शुरू हुआ जब सीएससी ने कानूनी हलफनामा दायर करते हुए टीसीएस के ऊपर ट्रेड सीक्रेट्स को चोरी करने का आरोप लगाया.

Legal Setback For TCS: भारतीय आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को अमेरिका में बड़ा कानूनी झटका लगा है. कंप्यूटर साइंसेज कॉर्पोरेशन (CSC)—जो अब DXC टेक्नोलॉजी का हिस्सा है—के साथ चल रहे ट्रेड सीक्रेट्स विवाद में अमेरिकी अपील अदालत (Court of Appeals for the Fifth Circuit) ने 194.2 मिलियन डॉलर (लगभग 1,600 करोड़ रुपये) के हर्जाने को बरकरार रखा है. यह फैसला टीसीएस के लिए बड़ा वित्तीय नुकसान साबित हो सकता है.
TCS के लिए झटका
अपील अदालत ने जहां भारी भरकम नुकसान की राशि को बरकरार रखा, वहीं TCS के लिए एक राहत यह दी गई है कि पहले लगाई गई स्थायी रोक (Permanent Injunction) को हटा दिया गया है. पहले टीसीएस अपने पुराने क्लाइंट CSC के किसी भी डेटा या मैटेरियल का उपयोग नहीं कर सकती थी, लेकिन अब इस प्रतिबंध को हटा दिया गया है.
साथ ही, अदालत ने पूरा मामला दोबारा समीक्षा और मूल्यांकन के लिए टेक्सास के नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट (Dallas Division) को भेज दिया है. हालांकि, मौजूदा स्थिति में टीसीएस को 194.2 मिलियन डॉलर की पेनल्टी भरनी ही होगी.
विवाद कब शुरू हुआ?
यह मामला 2019 में शुरू हुआ था, जब CSC ने अदालत में दावा किया कि टीसीएस ने उनके ट्रेड सीक्रेट्स चोरी किए. CSC का आरोप था कि —
- ट्रांसअमेरिका नामक क्लाइंट के कुछ कर्मचारी टीसीएस में शामिल हुए.
- इन कर्मचारियों के पास CSC के लाइसेंस प्राप्त इंश्योरेंस सॉफ़्टवेयर तक अधिकृत पहुंच थी.
- टीसीएस ने कथित रूप से उसी सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके वैसा ही नया इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म बना लिया.
- परिणामस्वरूप CSC के साथ उसका सीधा मार्केट कंपीटिशन शुरू हो गया.
- CSC ने दावा किया कि यह सीधा ट्रेड सीक्रेट्स का उल्लंघन है, जिसके आधार पर अदालत ने टीसीएस पर भारी हर्जाना लगाया था.




















