बेंगलुरूः कांग्रेस-जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन वाली कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर टैक्स की दर बढ़ाकर क्रमश: 32 फीसदी और 21 फीसीदी कर दी है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में इसकी वजह बताते हुये कहा गया है कि कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगातार गिरती कीमतों से राज्य के राजस्व पर विपरीत असर पड़ रहा है. राज्य में पेट्रोल और डीजल पर कर की दर क्रमश: 28.75 और 17.73 प्रतिशत थी जिसे बढ़ाकर 32 और 21 प्रतिशत कर दिया गया है. इस बढ़ोत्तरी के बाद राज्य में अब पेट्रोल की कीमत 70.84 रुपये प्रति लीटर और डीजल की 64.66 रुपये प्रति लीटर हो गई है. हालांकि, इस बढ़ोत्तरी के बावजूद कर्नाटक में ईंधन की रिटेल कीमत पड़ोसी राज्यों से कम ही हैं. एक जनवरी 2019 को इन ईंधनों के बेस प्राइस को देखते हुये दाम पड़ोसी राज्यों से कम रहे हैं. लगातार चढ़ने के बाद पिछले कुछ समय से ईंधन की कीमतों में कटौती देखी जा रही है. रसोई गैस के दाम में कमी से मिली थी लोगों को राहत हाल ही में सब्सिडी वाले रसोईं गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमत में सोमवार को 5.91 रुपये प्रति सिलेंडर की कमी की गयी. एक महीने में इसकी कीमत में यह लगातार दूसरी कटौती थी. देश की दूसरी सबसे बड़ी खुदरा ईंधन कंपनी इंडियन आयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने एक बयान में कहा कि 14.2 किलो के सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत पहली जनवरी की आधी रात से 494.99 रुपयेकर दी गई जिसकी फिलहाल पहले लागत 500.90 रुपये प्रति सिलेंडर थी.