कल यानी 21 अक्टूबर से Jio Platforms का IPO खुल रहा है. करीब 30,213 करोड़ रुपये का यह इश्यू भारत के शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा IPO है. मुकेश अंबानी का रिलायंस ग्रुप करीब 20 साल बाद कोई बड़ा IPO लेकर आया है.
इसमें कितना पैसा लगेगा ?
कंपनी कितना कमाती है और IPO में क्या फायदा - नुकसान होता हैं! यहां आसान भाषा में समझिए.
IPO होता क्या है
IPO का मतलब है Initial Public Offering. जब कोई कंपनी पहली बार आम लोगों को अपने शेयर बेचती है तो उसे IPO कहते हैं. आप शेयर खरीदते हैं तो उस कंपनी में आपकी छोटी सी हिस्सेदारी हो जाती है. IPO के बाद कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होती है और फिर उसके शेयर रोज खरीदे और बेचे जा सकते हैं.
Jio IPO कब खुलेगा और कब बंद होगा
IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा. शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को होगा. 28 अक्टूबर को शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है.
एक शेयर कितने का है और कम से कम कितना पैसा लगेगा
कंपनी ने प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा है. एक लॉट में 12 शेयर हैं इसलिए ऊपरी प्राइस के हिसाब से कम से कम 13,428 रुपये लगाने होंगे. आम निवेशक 2 लाख रुपये तक यानी ज्यादा से ज्यादा 14 लॉट के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
यह IPO कितना बड़ा है
ऊपरी प्राइस बैंड पर इस IPO का कुल साइज 30,213 करोड़ रुपये है. इससे पहले का सबसे बड़ा IPO Hyundai Motor India का था जिसने 2024 में करीब 27,870 करोड़ रुपये जुटाए थे.
उससे पहले 2022 में LIC ने करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाए थे यानी रुपये के हिसाब से Jio का IPO इन दोनों से बड़ा है. हालांकि डॉलर में देखें तो Hyundai का 3.3 अरब डॉलर का IPO अब भी थोड़ा आगे है. ऊपरी प्राइस पर Jio की पूरी कंपनी की वैल्यू करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये बैठती है.
20 साल बाद Reliance का IPO क्यों खास है
Mukesh Ambani के Reliance ग्रुप ने किसी बड़े बिजनेस का पिछला IPO 2006 में Reliance Petroleum के रूप में निकाला था. इस ग्रुप की शेयर बाजार वाली कहानी 1977 से शुरू होती है जब Dhirubhai Ambani ने Reliance Textile Industries को पब्लिक किया था. एक्सपर्ट का मानना है कि. Jio की लिस्टिंग के बाद Reliance ग्रुप अपनी लिस्टेड कंपनियों की कुल वैल्यू के हिसाब से देश का सबसे बड़ा ग्रुप बन जाएगा.
IPO का पैसा कहां जाएगा
इस IPO में सिर्फ नए शेयर जारी हो रहे हैं. Reliance, Meta और Google जैसे पुराने निवेशक अपने शेयर नहीं बेच रहे इसलिए पूरा पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा. इसमें से करीब 27,500 करोड़ रुपये से Reliance Jio Infocomm का कर्ज समय से पहले चुकाया जाएगा. बाकी पैसा कंपनी के सामान्य कामकाज में खर्च होगा.
Jio कितना कमाती है
FY26 में Jio Platforms का रेवेन्यू करीब 1,46,885 करोड़ रुपये रहा. दो साल पहले यानी FY24 में, यह करीब 1,09,558 करोड़ रुपये था. इसी दौरान कंपनी का मुनाफा 21,423 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 30,049 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी हर ग्राहक से हर महीने औसतन 214 रुपये कमाती है. FY24 में यह आंकड़ा 181.7 रुपये था.
कितने ग्राहक हैं
मार्च 2026 तक Jio के 52.44 करोड़ ग्राहक थे. इनमें से करीब 26.85 करोड़ ग्राहक 5G इस्तेमाल करते हैं. अब कंपनी के ग्राहक 53 करोड़ से ज्यादा हो चुके हैं. देश के कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक का करीब 60 फीसदी हिस्सा Jio के नेटवर्क पर चलता है.
कंपनी में किसकी कितनी हिस्सेदारी है
IPO से पहले Jio Platforms में सबसे बड़ा हिस्सा Reliance Industries का है जिसके पास 66.43 फीसदी शेयर हैं. Meta के पास करीब 9.98 फीसदी और Google के पास 7.73 फीसदी हिस्सा है. बाकी हिस्सा KKR, Silver Lake, सऊदी अरब के PIF और अबू धाबी के फंड जैसे निवेशकों के पास है जिन्होंने 2020 में कंपनी में पैसा लगाया था. IPO के बाद भी Reliance ही सबसे बड़ी शेयरहोल्डर रहेगी.
बड़े निवेशकों ने कितना पैसा लगाया
IPO खुलने से पहले 212 एंकर निवेशकों ने करीब 8,110 करोड़ रुपये लगाए. उन्हें शेयर 1,119 रुपये के ऊपरी प्राइस पर मिले. इनमें सबसे ज्यादा पैसा LIC ने लगाया, जिसने करीब 500 करोड़ रुपये के शेयर लिए. सिंगापुर, नॉर्वे, अबू धाबी और कतर के सरकारी फंड भी एंकर निवेशकों में शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक एंकर हिस्से के लिए 30 गुना से ज्यादा मांग आई.
क्या Reliance के शेयर रखने वालों को मुफ्त शेयर मिलेंगे
नहीं! Reliance के शेयरहोल्डर्स को Jio के शेयर अपने आप नहीं मिलेंगे. उनके लिए 2,500 करोड़ रुपये का अलग कोटा रखा गया है लेकिन इसमें भी आवेदन करना होगा और पैसे देने होंगे. इस कोटे में अप्लाई करने के लिए 14 अक्टूबर तक Reliance का कम से कम एक शेयर होना जरूरी था. जो लोग इसके हकदार हैं वे शेयरहोल्डर कोटा और आम निवेशक कोटा, दोनों में अप्लाई कर सकते हैं.
कर्मचारियों के लिए क्या है
कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर अलग रखे हैं. इस कोटे में अप्लाई करने वाले कर्मचारियों को हर शेयर पर 54 रुपये की छूट मिलेगी.
Jio ने भारत में क्या बदला
Jio सितंबर 2016 में लॉन्च हुआ था. उससे पहले 1GB डेटा औसतन करीब 150 रुपये का पड़ता था. Jio आने के बाद यही कीमत गिरकर करीब 10 रुपये पर आ गई. लॉन्च के छह महीने के अंदर भारत दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने वाला देश बन गया. जिस कंपनी के सस्ते डेटा से करोड़ों लोग इंटरनेट से जुड़े अब उसी में आम लोग हिस्सेदार बन सकते हैं. कुछ वेबसाइट्स Jio का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP बता रही हैं. यह कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है और रोज बदलता रहता है.
निवेश से पहले क्या करें
निवेश से पहले कंपनी का RHP यानी Red Herring Prospectus जरूर पढ़ें. अपनी जरूरत और जोखिम उठाने की क्षमता देखकर ही फैसला करें. जरूरत हो तो किसी रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.
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