ITR Refund Delay: टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों के मन में सवाल होता है कि उन्हें रिटर्न कब मिलेगा. लेकिन कई लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ जाता है. इस बीच वित्त वर्ष 2025-26 में रिफंड में हो रही देरी फिर चर्चा में है.

Continues below advertisement

क्योंकि बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स महीनों बाद भी अपने पैसे का इंतजार कर रहे हैं. आइए जानते हैं, आखिर इस देरी के पीछे की वजह क्या है?

आंकड़ों में समझिए देरी की वजह

Continues below advertisement

सरकारी डेटा के मुताबिक 24 मार्च 2026 तक कुल 8,89,20,822 रिटर्न फाइल किए गए है. जिनमें से 8,77,86,233 वेरिफाई हो चुके हैं. इसके बाद 8,50,59,270 प्रोसेस किए जा चुके हैं. 

यानी अभी भी करीब 27 लाख रिटर्न प्रोसेस होना बाकी है. जिसके कारण कई लोगों का रिफंड अटका हुआ है और उन्हें भुगतान मिलने में देरी हो रही है. अगर आपको भी रिटर्न मिलने में समय लग रहा है तो इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं. 

रिफंड में देरी की वजहें

. अगर आपके ITR, AIS और Form 26AS की जानकारी आपस में मैच नहीं करती, तो सिस्टम इसे जांच के लिए रोक देता है. रिफंड में देरी की यह भी एक वजह होती है. 

. जिन लोगों ने रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया है, उनके केस आगे नहीं बढ़ाए जाते हैं. इसलिए रिफंड अटक जाता है.

. आखिरी तारीख के आसपास बड़ी संख्या में लोग एक साथ ITR भरते हैं. जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ता है और प्रोसेसिंग धीमी हो जाती है.

. जिन रिटर्न में कई तरह की इनकम, कैपिटल गेन या ज्यादा रकम का रिफंड होता है. उन विषयों में  ज्यादा जांच होती है, इसलिए समय ज्यादा लगता है.

. अगर बैंक अकाउंट की जानकारी गलत है या PAN से लिंक नहीं है, तो भी रिफंड जारी होने में दिक्कत आ सकती है. 

यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिल सकती हैं बड़ी राहत, सैलरी में होगा जबरदस्त इजाफा...