भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) बीमा क्षेत्र में कुछ बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत कमीशन और बीमा वितरण से जुड़े नियमों में बदलाव करने का प्रस्ताव है. हालांकि, नियामक का कहना है कि इन सुधारों का मकसद एजेंटों की रोजी-रोटी या मौजूदा कारोबार को नुकसान पहुंचाना नहीं है. ऐसे में अगर आप बीमा एजेंट के तौर पर काम करते हैं या बीमा पॉलिसी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है. 

Continues below advertisement

दरअसल, IRDAI के अध्यक्ष अजय सेठ ने कहा कि नियामक इन प्रस्तावों को आखिरी रूप देने से पहले बीमा कंपनियों, एजेंटों और दूसरे संबंधित पक्षों से सुझाव मांग रहा है. यह नए नियम कब लागू होंगे और कमीशन पर क्या असर पड़ेगा, यह उद्योग से मिलने वाली प्रतिक्रियाओं के आधार पर तय किया जाएगा. 

क्या है IRDAI का प्रस्ताव?

Continues below advertisement

IRDAI ने 23 सितंबर को बीमा पॉलिसियों की बिक्री और वितरण से जुड़े नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रहा है. इस प्रस्ताव में 30 से ज्यादा बीमा उत्पादों और वितरण माध्यमों के लिए कमीशन की सीमा तय करने की बात कही गई है. इसके अलावा, बीमा कंपनियों के कुल खर्च की सीमा में भी करीब एक तिहाई कटौती करने पर भी विचार किया जा रहा है. 

कब लागू हो सकते हैं नए नियम?

IRDAI के अध्यक्ष अजय सेठ के मुताबिक, इन बदलावों को लागू करने के लिए 1 जनवरी या 1 अप्रैल की तारीख पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, अंतिम तारीख उद्योग से मिलने वाले सुझावों के आधार पर तय की जाएगी. नियामक कमीशन से जुड़े बदलावों को एक साथ लागू करने के बजाय चरणों में लागू करने के सुझावों पर भी विचार करने को तैयार है.

क्या बीमा एजेंटों की नौकरी पर पड़ेगा असर?

इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IBAI) ने प्रस्तावित बदलावों को लेकर चिंता जताई है. एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की और मौजूदा नियमों को 2028 में प्रस्तावित समीक्षा जारी रखने का आग्रह किया. साथ ही, हितधारकों से सुझाव देने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर से पहले नियामक के साथ बैठक करने का अनुरोध किया था.

IRDAI के अध्यक्ष अजय सेठ ने साफ किया है कि नियामक का इरादा बीमा एजेंटों की रोजी-रोटी या मौजूदा कारोबारी व्यवस्था को नुकसान करना नहीं है. बल्कि नियामक छोटे बीमा कारोबारियों, वितरकों और कम लागत वाली पॉलिसियों से जुड़े लोगों की चिंताओं को भी ध्यान में रख रहा है.

सरकार का बड़ा फैसला, देर रात एकाएक पेट्रोल पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स, डीजल में की कटौती