Electronic Goods Price Rise: गैस सिलेंडर की किल्लत से लेकर अब घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स तक पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के झटके आम आदमी की जिंदगी को हर मोर्चे पर झकझोर रहे हैं. एबीपी न्यूज की टीम ने इस बार राजधानी दिल्ली में स्थित एशिया की सबसे पुराने इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार ओल्ड लाजपत राय मार्केट में जाकर जमीनी हकीकत टटोली. यहां टीवी से लेकर वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर तक के दाम अब अचानक से आसमान छू रहे हैं.

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बाजार के अध्यक्ष संजय नागपाल ने एबीपी न्यूज से बातचीत में साफ कहा कि, “युद्ध के साइड इफेक्ट्स सिर्फ युद्ध में शामिल देशों तक सीमित नहीं रह गए है. हम जैसे तटस्थ देशों पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है. हमारी इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में सबसे बड़ी जरूरत चिपसेट की होती है, जो अभी भी इंपोर्ट होती है. लेकिन इस युद्ध के चलते एयर और सी शिपमेंट दोनों होल्ड पर हो चुके हैं. यहां फैक्टरियां कच्चे माल की किल्लत से अब जूझ रही हैं.”

आसमान छू रहे इलैक्ट्रोनिक्स की कीमत

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नागपाल ने आगे बताया, “यहां इस मार्केट में ‘मेड इन इंडिया’ प्रोडक्ट्स भी बिक रहे हैं, लेकिन उन प्रोडक्ट्स के रॉ मटेरियल की कमी से अब इलेक्ट्रॉनिक गुड्स में 5 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है. चाहे वो एलईडी टीवी हो, ऑडियो सिस्टम, वॉशिंग मशीन, फ्रिज या फिर एसी  हर चीज पर असर पड़ा है और अभी तो ये सिर्फ शुरुआत है. असली झटका 1 अप्रैल के बाद आएगा आम जनता पर.”

नागपाल ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि, “मेरा माल अगर चीन, ताइवान या दुबई में पड़ा है तो उसे लाने का खर्चा पहले 2 लाख रुपये कंटेनर आता था जो अब 3 लाख रुपये में आ रहा है. इसकी प्रभावी लागत सीधे जो सामान आ रहा है उस पर पड़ रही है. सबसे दर्द की बात ये है कि हमारा मिडिल ईस्ट में एक्सपोर्ट पूरी तरह से ठप हो चुका है. वहां के कस्टमर ही नहीं हैं. वहां बाजार बंद पड़े हैं और इलैक्ट्रिक इंडस्ट्री का करीब 4.5 बिलियन डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक सामान रुका पड़ा है.”

32 इंच टीवी 5700 से बढ़कर 6400, 65 इंच 28 हजार से 32 हजार

इसी मुद्दे पर एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए एक दुकानदार अरुण तुली ने बताया, “हमारे पास 24 इंच से लेकर 100 इंच तक के टीवी हैं और हर साइज के टीवी के दाम अब बढ़ गए हैं. अभी तो युद्ध का असर और बढ़ेगा. प्लास्टिक के दाने और कॉपर के भाव भी आसमान छू रहे हैं, जिसकी वजह से एयर कंडीशनर तो और भी महंगे हो गए हैं. अगर युद्ध लंबा चला तो अभी 10-15 प्रतिशत की और बढ़ोतरी होने उम्मीद हैं."

बाजार के वाइस प्रेसिडेंट सुरेंद्र आडवाणी ने कहा, “हमारे कंटेनर अब युद्ध क्षेत्र से बड़ी मुश्किल से घूम-घूम कर आ रहे हैं. ट्रांसपोर्टेशन चार्ज बढ़ गया है. पीछे से आने वाला माल महंगा पड़ रहा है. 65 इंच का टीवी जो 28 हजार में बिकता था, अब 32 हजार का हो गया है. आधे से ज्यादा ग्राहक दाम सुनकर वापस लौट जाते हैं. सिर्फ पुराने विश्वास वाले कस्टमर ही ले जा रहे हैं.”

जेब पर दोहरी मार!

आडवाणी ने आगे ये भी बताया कि, “मैन्युफैक्चरर्स हमें बता रहे हैं अभी तो देखते जाओ, आगे तो किसी भी कीमत पर माल नहीं मिलेगा.” ग्राहक बोले पहले गैस महंगी, अब टीवी भी… होटल में खाना खा रहे हैं.

एलईडी टीवी खरीदने आए एक ग्राहक ने एबीपी न्यूज को बताया, “पहले 6500 रुपये में टीवी ले गया था. अब दुकानदार 6800 रुपये बता रहा है बिना वारंटी के. वारंटी वाला साढ़े सात हजार का है. कह रहे हैं पीछे से माल महंगा आ रहा है. हर जगह रेट बढ़े हुए हैं. हम कैसे खरीदें? बहुत परेशानी हो रही है. पहले गैस महंगी हुई, अब धीरे-धीरे हर चीज महंगी हो रही है और मैं पिछले एक हफ्ते से होटल में खाना खा रहा हूं क्योंकि घर के लिए सिलेंडर नहीं मिल रहा.”

बाजार में घूमने पर साफ नजर आ रहा है कि ग्राहक अब सिर्फ जरूरी सामान देख रहे हैं. कई दुकानों पर चर्चा का केंद्र यही है कि युद्ध कब थमेगा और कब सामान्य स्थिति लौटेगी. फिलहाल तो आम आदमी की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है घरेलू गैस से लेकर घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स तक.

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