West Asia Tensions: अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जंग का सामना कर रहे ईरान के हालिया कदमों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भेजे गए 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को ईरान ने खारिज करते हुए उसे मजाक करार दिया, जिसके बाद ट्रंप ने हमले तेज करने की चेतावनी दी है. इस बीच एलपीजी संकट से जूझ रहे भारत और उसके पड़ोसी देशों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है.

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मित्र देशों के लिए खुले होर्मुज के दरवाजे

ईरान ने गुरुवार को कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव के बावजूद उसने भारत समेत अपने मित्र देशों के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के ट्रांजिट रूट को खोल दिया है. यह भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है, खासकर ऐसे समय में जब रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 2018 के बाद पहली बार ईरान से एलपीजी कार्गो खरीदा है. इससे पहले 2019 में पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरान से ऊर्जा आयात पूरी तरह रोक दिया था.

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इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए ईरान से तेल और गैस खरीद पर 30 दिनों की छूट देने का ऐलान किया था.

इन पांच देशों को राहत

मुंबई स्थित ईरान के कॉन्सुलेट जनरल की ओर से जारी बयान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों को दी गई है.

अराघची का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस अहम समुद्री मार्ग को फिर से खोलने की अपील की थी.

गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले को करीब चार हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन अब तक शांति के कोई संकेत नहीं मिले हैं. ऐसे में वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच होर्मुज मार्ग का खुलना कई देशों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.

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