Indigo: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी IndiGo ने एक बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत, एयरलाइन 31 अगस्त से यूनाइटेड किंगडम के मैनचेस्टर के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर देगी. इसके पीछे कंपनी ने परिचालन को लेकर बढ़ती चुनौतियों और बढ़ते खर्चों का हवाला दिया है. यह कदम एक ऐसे समय में उठाया गया है, जब एयरलाइन अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदियों से जुड़े वित्तीय दबावों और परिचालन में आ रही रुकावटों से जूझ रही है.

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बंद एयरस्पेस से बढ़ रहीं दिक्कतें

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते कई देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं. इनमें ईरान से लेकर कुवैत, इराक, सीरिया और लेबनान जैसे देश हैं, जिन्होंने सुरक्षा जोखिमों के मद्देनजर अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा रखा है. प्रतिबंध वाले हवाई क्षेत्र से बचने के लिए विमानों को सुरक्षित देशों के ऊपर से जाना पड़ता है. इससे भारत और यूरोप जाने वाली उड़ानों की दूरी काफी बढ़ जाती है. 

कंपनी के सामने आई मुश्किलें

एयरलाइन अभी मैनचेस्टर को दिल्ली और मुंबई दोनों शहरों से जोड़ती है. इन सेवाओं की शुरुआत पिछले साल जुलाई में की गई थी. यह IndiGo के अपने लंबी दूरी वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को मजबूत बनाने के प्रयासों का ही एक हिस्सा था. एक बयान में एयरलाइन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में जारी पाबंदियों के कारण उड़ानों की अवधि में काफी बढ़ोतरी हुई है और लागत का माहौल भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. इन कारणों से IndiGo को 31 अगस्त 2026 से मैनचेस्टर आने-जाने वाली अपनी उड़ानों का परिचालन अस्थायी रूप से बंद करना पड़ रहा है."

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कुल मिलाकर कंपनी के सामने लंबी दूरी की फ्लाइट्स में बढ़ते समय, विमानन टर्बाइन फ्यूल की बढ़ती कीमतें और विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव से ट्रांसपोर्ट पर आ रहे खर्च जैसी कई परेशानियां हैं.

लीज पर लिए उड़ान को करेगी वापस

अपनी लंबी दूरी के ऑपरेशन्स के रीस्ट्रक्चरिंग के हिस्से के तौर पर IndiGo, Norse Atlantic Airways से लीज पर लिए Boeing 787-9 Dreamliner को भी वापस कर देगी. यह फैसला कंपनी के लिए मुश्किल भरा होगा.  कंपनी को पहले ही कारोबारी साल 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में 2536.9 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जो एक साल पहले इसी अवधि में दर्ज 3067.5 करोड़ रुपये के मुनाफे से एक बड़ा उलटफेर है. 

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