Indian Rupee vs US Dollar: हाल के दिनों में भारतीय रुपये में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली थी. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने रुपये को ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचा दिया था. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संभावित हस्तक्षेप की खबरों के बाद बुधवार को भारतीय करेंसी में नई रौनक देखने को मिली.
बुधवार, 15 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार के दौरान रुपया 88 पैसे की मजबूती के साथ 87.93 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा कारोबारियों (Forex Traders) का कहना है कि कच्चे तेल में गिरावट और आरबीआई के हस्तक्षेप की अटकलों से रुपये को समर्थन मिला.
क्यों आई रुपये में तेजी?
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank Forex Market) में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.74 पर खुला, लेकिन बाद में तेजी पकड़ते हुए 87.93 प्रति डॉलर तक पहुंच गया. यह मंगलवार के बंद भाव के मुकाबले 88 पैसे की मजबूती को दर्शाता है. हालांकि, बाद में कारोबार के दौरान रुपया थोड़ा कमजोर होकर 88.33 प्रति डॉलर पर आ गया. मंगलवार को रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर 88.81 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
कुछ एक्सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिका-भारत ट्रेड टैरिफ ही एकमात्र ऐसा मुद्दा है जो निवेशकों की भावनाओं को आहत कर रहा है. मिराए एसेट शेयरखान के मुद्रा एवं जिंस के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश से रुपये को फ़ायदा हो सकता है.
शेयर बाजार में भी दिखा जोश
छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.85 पर आ गया. घरेलू शेयर बाजारों में भी तेजी रही — बीएसई सेंसेक्स 354.57 अंक चढ़कर 82,384.55 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 109.55 अंक बढ़कर 25,255.05 अंक पर पहुंच गया.
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.43% गिरकर 62.12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं, शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) मंगलवार को बिकवाली के मूड में रहे और उन्होंने 1,508.53 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
