Rupee vs Dollar: भारतीय करेंसी पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया सात पैसे टूटकर 88.77 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों ने घरेलू मुद्रा को कमजोर किया है.

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क्यों गिर रहा रुपया?

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank Forex Market) में रुपया 88.73 प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन जल्द ही 88.77 के स्तर तक फिसल गया. यह पिछले कारोबारी दिन के 88.70 प्रति डॉलर के मुकाबले सात पैसे की गिरावट है. इस बीच, डॉलर इंडेक्स-जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दर्शाता है-0.04% घटकर 99.59 पर आ गया.

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विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर शेयर बाजार पर भी दिखा. बीएसई सेंसेक्स 258.83 अंक (0.31%) गिरकर 83,679.88 अंक पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी-50 47.95 अंक (0.19%) की गिरावट के साथ 25,674.15 अंक पर कारोबार कर रहा है.

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को 6,769.34 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिक्री की थी. लगातार पूंजी बहिर्गमन ने रुपया और बाजार दोनों पर दबाव बढ़ाया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.31% बढ़कर 64.97 डॉलर प्रति बैरल हो गया है. तेल की बढ़ती कीमतें भारत के आयात बिल को प्रभावित करती हैं, जिससे रुपया पर और दबाव पड़ता है.

गिरा विदेशी मुद्रा भंडार

देश के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 6.925 अरब डॉलर घटकर 695.355 अरब डॉलर रह गया. पिछले सप्ताह भंडार में सुधार देखने को मिला था, जब यह 4.496 अरब डॉलर बढ़कर 702.28 अरब डॉलर तक पहुंच गया था.

विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती और आरबीआई के हस्तक्षेप के चलते विदेशी मुद्रा आस्तियों में कमी आई है. डॉलर के संदर्भ में व्यक्त भंडार में रखी गई यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राओं के मूल्य में गिरावट का भी असर पड़ा है.

आरबीआई डेटा के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 3.01 अरब डॉलर घटकर 105.53 अरब डॉलर रह गया. वहीं, विशेष आहरण अधिकार (SDR) भी 5.8 करोड़ डॉलर घटकर 18.66 अरब डॉलर पर आ गए. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत का आरक्षित भंडार 60 लाख डॉलर बढ़कर 4.61 अरब डॉलर हो गया है.

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