Dollar vs Rupee: अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर देखने को मिल रहा है. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार सुबह रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे कमजोर होकर 90.24 प्रति डॉलर पर आ गया. वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप से पैदा हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण डॉलर की मांग बढ़ी है, जिससे रुपये पर दबाव बना हुआ है.

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तनाव से कमजोर होते रुपये

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, वैश्विक तनाव के चलते आने वाले दिनों में भी रुपये में कमजोरी का रुख बना रह सकता है. हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी कुछ हद तक राहत दे सकती है.

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दूसरी ओर, अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.21 पर खुला और शुरुआती कारोबार में फिसलकर 90.24 पर पहुंच गया. जबकि शुक्रवार को यह 22 पैसे टूटकर 90.20 पर बंद हुआ था. इस दौरान छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.36 प्रतिशत बढ़कर 98.50 पर रहा.

शेयर बाजार में गिरावट

घरेलू शेयर बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली, जहां बीएसई पर 30 अंकों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 135.81 अंक गिरकर 85,626.20 पर कारोबार कर रहा था. जबकि, एनएसई पर निफ्टी 50 भी 25.75 अंक फिसलकर 26,302.80 पर आ गया. सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एनटीपीसी के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए.

एशियाई बाजारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक फायदे में रहे, वहीं हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ. अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे, जिसका असर वैश्विक धारणा पर भी दिखा. इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.08 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ 60.70 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक शुक्रवार को लिवाल रहे और उन्होंने शुद्ध रूप से 289.80 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

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