Inflation Rate May 2026: मई 2026 में थोक महंगाई दर बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है, जो पहले 8.26 प्रतिशत थी. महंगाई में यह तेज बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की जेब पर भी असर डाल सकती है यानी रिटेल महंगाई बढ़ सकती है. 

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थोक महंगाई का सीधा असर कुछ समय बाद खुदरा महंगाई पर पड़ता है. जब फैक्ट्रियों और थोक बाजारों में सामान महंगा होगा तो दुकानदार भी आम ग्राहकों के लिए कीमतें बढ़ाएंगे.

आम लोगों के खर्च पर पड़ेगा असर

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थोक बाजार में समान महंगा होने का सीधा असर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है. कच्चे माल और ईंधन के दाम बढ़ने से कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट (लागत) बढ़ जाएगी, जिससे उनके मुनाफे पर असर पड़ेगा.

वहीं, महंगाई को काबू में रखने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ब्याज दरों को कम नहीं करेगा. यानी आपकी होम लोन या कार लोन की ईएमआई फिलहाल कम होने की उम्मीद नहीं है.

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कौन-कौन सी चीजें जोरदार महंगी हुईं?

  • रिपोर्ट के मुताबिक सबसे बड़ा झटका ईंधन (फ्यूल) और कच्चे माल के मोर्चे पर लगा है. 
  • पश्चिम एशिया संकट की वजह से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस में सबसे भयानक 61.51% का उछाल आया है...
  • पेट्रोलियम उत्पाद यानी पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद 49.82% महंगे हुए हैं.
  • ईंधन और बिजली के पूरे सेक्टर में 30.33% की भारी तेजी दर्ज की गई है.
  • औद्योगिक कच्चा माल 9.49% महंगा हुआ है.
  • फैक्ट्रियों में बनने वाले सामानों में 7.48% की तेजी आई है, विशेषकर केमिकल्स, बेसिक मेटल्स (लोहा, स्टील) और टेक्सटाइल (कपड़े) में.
  • खाद्य तेल, अंडे, मांस और मछली के महंगे होने से फूड इंडेक्स की महंगाई 4.49% पर पहुंच गई.

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भविष्य में और क्या महंगा हो सकता है?

चूंकि थोक महंगाई बढ़ने का मुख्य कारण ईंधन और मैन्युफैक्चरिंग लागत में बढ़ोतरी है, इसलिए आने वाले दिनों में नीचे दी गई चीजें और महंगी हो सकती हैं....

  • डीजल और ट्रांसपोर्ट: ईंधन महंगा होने से देश में ट्रकों और मालगाड़ियों का किराया बढ़ेगा. इसका सीधा असर हर उस चीज पर पड़ेगा जो एक शहर से दूसरे शहर ट्रांसपोर्ट की जाती है.
  • रोजमर्रा का सामान (FMCG) और कपड़े: केमिकल्स और टेक्सटाइल महंगे होने से साबुन, शैम्पू, डिटर्जेंट, प्लास्टिक का सामान और रेडीमेड कपड़े महंगे हो सकते हैं.
  • गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक्स: बेसिक मेटल्स (जैसे स्टील और एल्युमिनियम) की कीमतें बढ़ने से कार, बाइक और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन) की कीमतें बढ़ सकती हैं.
  • घर बनाना महंगा: सीमेंट, सरिया और अन्य कंस्ट्रक्शन मटेरियल की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ने से नया घर बनाना या फ्लैट खरीदना महंगा हो सकता है.
  • खाने-पीने की चीजें: अगर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ती रही तो सब्जियां और अनाज भी आने वाले समय में महंगे हो सकते हैं.

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