India Seafarer Supply: वैसे तो चीन कई मामलों में भारत से आगे रहता है. फिर चाहे वो इलेक्ट्रॉनिक्स की सप्लाई और मेकिंग हो, या फिर चाइनीज फूड आइटम्स की देशभर में मांग, हर चीज में चीन भारत से आगे रा है. यहां तक कि भारत में भी चाइनीज प्रोडक्ट्स का मार्केट इतना बड़ा है कि देखने वाले देखते ही रह जाते हैं. लेकिन हाल ही में एक मामले में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है. ये उपलब्धि भारत ने समुद्री क्षेत्र में हासिल की है.

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किस मामले में भारत से पिछड़ा चीन?दरअसल हाल ही में BIMCO-ICS सीफेरेर वर्कफोर्स की साल 2026 की एक रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत अब दुनिया में दूसरे सबसे ज्यादा नाविक देने वाला देश बन गया है. भारत ने इस मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है. भारत से अब दुनिया के समुद्री कार्यबल में 3,11,936 नाविक जुड़े हैं. भारत की वैश्विक समुद्री कार्यबल में हिस्सेदारी बढ़कर 12.16 प्रतिशत हो गई है. भारत से आगे सिर्फ फिलीपींस है. भारत के बाद चीन, रूस और इंडोनेशिया का नंबर आता है.

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भारत के कितने नाविक?इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कुल नाविकों में 1,40,718 ऑफिसर्स हैं. ये दुनिया के कुल समुद्री ऑफिसर्स का 13.41 प्रतिशत है. वहीं 1,71,218 भारतीय रेटिंग्स हैं, जो दुनियाभर के मर्चेंट जहाजों पर काम करने वाले रेटिंग्स का 11.29 प्रतिशत हैं. रेटिंग्स से मतलब जहाज पर काम करने वाले उन कर्मचारियों से है जो अलग-अलग तकनीकी और सहायक जिम्मेदारियां संभालते हैं.

10 साल में कितना हुआ भारत का हिस्सा?भारत की इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि पिछले एक दशक में वैश्विक समुद्री कार्यबल में भारत की हिस्सेदारी दोगुने से भी ज्यादा बढ़ी है. साल 2015 में भारत की हिस्सेदारी 5.2 प्रतिशत थी, जो साल 2021 में बढ़कर करीब 6 प्रतिशत हुई. इतना ही नहीं साल 2026 में ये हिस्सेदारी और भी बढ़कर 12.16 प्रतिशत हो गई.

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