LPG Imports: मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते देश में एलपीजी की भारी किल्लत के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है. करीब छह वर्षों बाद पहली बार एलपीजी कार्गो ईरान से भारत आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 30 दिनों की तेल और गैस खरीद में छूट दिए जाने के बाद भारत ने 2019 के बाद पहली बार ईरान से एलपीजी खरीदी है.

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इससे पहले 2019 में पश्चिमी देशों द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण भारत ने वहां से ऊर्जा आयात बंद कर दिया था. एलएसईजी के आंकड़ों के अनुसार, यह एलपीजी टैंकर पहले चीन के लिए रवाना हुआ था, लेकिन अब इसे भारत की ओर मोड़ दिया गया है, जिससे घरेलू आपूर्ति को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.

2019 के बाद पहली बार खरीद

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ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों और उसके बाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज के बंद होने से भारत के सामने ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, एलपीजी लेकर आ रहा जहाज ‘Aurora’ आज पश्चिमी तटीय बंदरगाह मेंगलुरु पहुंचने की उम्मीद है.

रिपोर्ट के मुताबिक, एलपीजी कार्गो की खरीद एक ट्रेडर के माध्यम से की गई है और इसका भुगतान रुपये में किया जाएगा. इसके साथ ही, भारत ईरान से अधिक से अधिक एलपीजी कार्गो खरीदने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है. यह एलपीजी शिपमेंट तीन सरकारी रिटेल कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड को आवंटित किया जाएगा.

रुपये में ईरान को भुगतान

इससे पहले बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जहाजरानी मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा था कि ईरान से भारत के लिए कोई लोडेड कार्गो आने की जानकारी नहीं है. गौरतलब है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक देश है, लेकिन पिछले कई दशकों में पहली बार एलपीजी आपूर्ति को लेकर इस तरह की गंभीर दिक्कतें सामने आई हैं. इस स्थिति के चलते सरकार को घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए औद्योगिक और वाणिज्यिक गैस आपूर्ति में कटौती करनी पड़ी है.

भारत में पिछले वर्ष 33.15 मिलियन मीट्रिक टन एलपीजी की खपत हुई थी, जिसमें से करीब 60 प्रतिशत मांग आयात के जरिए पूरी की गई. इस आयात का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट के देशों से आता रहा है. ऐसे में मौजूदा क्षेत्रीय तनाव ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति संबंधी चुनौतियों को और बढ़ा दिया है.

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