India EU Free Trade Agreement: भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मंगलवार को हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे अब तक का सबसे बड़ा एफटीए बताया. उन्होंने कहा कि भारत और ईयू के बीच मौजूदा व्यापार लगभग 180 बिलियन डॉलर का है और आठ लाख से अधिक भारतीय यूरोप में काम कर रहे हैं. इस समझौते से स्ट्रैटजिक टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खुलेंगे.

Continues below advertisement

पीएम मोदी के अनुसार, 27 देशों के साथ हुए इस एफटीए से किसानों, छोटे उद्योगों और एमएसएमई को यूरोपीय बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और दोनों पक्षों के बीच निवेश में तेजी आएगी, जिससे समाज के सभी वर्गों को व्यापक लाभ होगा.

मजबूत होगी वैश्विक सप्लाई चेन

Continues below advertisement

भारत-ईयू की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता केवल एक ट्रेड एग्रीमेंट नहीं है, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने और मोबिलिटी के लिए एक नया ढांचा तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि इससे भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए नए अवसर खुलेंगे और साइंस व टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आपसी सहयोग और गहरा होगा.

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि रक्षा और सुरक्षा सहयोग किसी भी साझेदारी की बुनियाद होता है, जिसे यह समझौता औपचारिक रूप देता है. इससे काउंटर टेररिज्म, साइबर सिक्योरिटी और साइबर साझेदारी को मजबूती मिलेगी. साथ ही, भारतीय डिफेंस कंपनियों के लिए को-प्रोडक्शन के नए अवसर पैदा होंगे. उन्होंने बताया कि भारत और ईयू अगले पांच वर्षों के लिए एक नया, महत्वाकांक्षी एजेंडा लॉन्च कर रहे हैं, जो स्पष्ट दिशा तय करेगा, इनोवेशन को गति देगा, सुरक्षा सहयोग को मजबूत करेगा और पीपुल-टू-पीपुल संबंधों को और सशक्त बनाएगा.

ईयू बड़ा व्यापारिक साझेदार

यूरोपीय यूनियन भारत का एक बेहद अहम व्यापारिक साझेदार है, जिसके साथ भारत के कुल व्यापार का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा जुड़ा हुआ है. वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ईयू के बीच कुल व्यापार करीब 136.53 बिलियन डॉलर का रहा. इसमें भारत ने ईयू से 60.68 बिलियन डॉलर का आयात किया, जबकि ईयू को 75.85 बिलियन डॉलर का निर्यात किया गया.

इस तरह भारत को यूरोपीय यूनियन के साथ करीब 15.17 बिलियन डॉलर का ट्रेड सरप्लस हासिल हुआ. वस्तुओं के व्यापार के अलावा सेवा क्षेत्र में भी दोनों के बीच मजबूत साझेदारी है. साल 2024 में सेवाओं के क्षेत्र में भारत-ईयू व्यापार 83.10 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें आईटी, बिजनेस सर्विसेज और टेलीकम्युनिकेशंस जैसे सेक्टर प्रमुख रहे.

क्यों एफटीए जरूरी?

यूरोपीय यूनियन भारत का एक बेहद अहम व्यापारिक साझेदार है, जिसके साथ भारत के कुल व्यापार का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा जुड़ा हुआ है. वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ईयू के बीच कुल व्यापार करीब 136.53 बिलियन डॉलर का रहा. इसमें भारत ने ईयू से 60.68 बिलियन डॉलर का आयात किया, जबकि ईयू को 75.85 बिलियन डॉलर का निर्यात किया गया.

इस तरह भारत को यूरोपीय यूनियन के साथ करीब 15.17 बिलियन डॉलर का ट्रेड सरप्लस हासिल हुआ. वस्तुओं के व्यापार के अलावा सेवा क्षेत्र में भी दोनों के बीच मजबूत साझेदारी है. साल 2024 में सेवाओं के क्षेत्र में भारत-ईयू व्यापार 83.10 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें आईटी, बिजनेस सर्विसेज और टेलीकम्युनिकेशंस जैसे सेक्टर प्रमुख रहे.

ये भी पढ़ें: पास्ता, बीयर, वाइन, चॉकलेट… जानें EU के साथ FTA के बाद भारत में क्या-क्या हो जाएगा सस्ता