New Demat Accounts in December 2022 : भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में निवेशकों (Investors) के मोर्चे पर अच्छी खबर सामने आ रही है. देश में कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के बाद से शेयर बाजार में नए निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. पिछले साल दिसंबर में डीमैट खातों (Demat Accounts) की संख्या में 34 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है जो कि शेयर बाजार के लिए शानदार खबर है.
अब देश में डीमैट खातों की संख्या बढ़कर 10.8 करोड़ पहुंच गई है. हालांकि ऐसा पहली बार है जब डीमैट खातों की संख्या 10 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है. ये खाते मुख्य रूप से कोविडकाल के बाद ही बढ़े हैं. मालूम हो कि कोरोना महामारी के पहले देश में डीमैट खातों की संख्या लगभग 4 करोड़ के आसपास थी, जो अब 10 करोड़ के ऊपर आ गई है.
क्या होता है डीमैट खाता
डीमैट अकाउंट यानी डिमैटरियलाइजेशन अकाउंट है. आप डीमैट खाते को एक तरह का बैंक खाता समझ सकते है. इसमें आप शेयर और बॉन्ड को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं. अगर आप शेयर मार्केट या किसी अन्य बाजार जोखिम के अधीन में निवेश के जरिये पैसा लगाना चाहते हैं, तो आपके पास डीमैट अकाउंट होना अनिवार्य है.
क्या कहते है आंकड़े
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शेयर कारोबार के लिए इस्तेमाल होने वाले डीमैट खातों की संख्या पिछले साल दिसंबर महीने में बढ़कर 10.8 करोड़ हो गई है. दिसंबर, 2022 में डीमैट खातों की संख्या दिसंबर 2021 के 8.1 करोड़ की तुलना में 34 फीसदी बढ़ गया है.
ये है सबसे बड़ा कारण
शेयर बाजारों से शानदार रिटर्न मिलने, खाता खोलने की प्रक्रिया आसान होने और फाइनेंशियल सेविंग्स में इजाफा होने से डीमैट खातों की संख्या में तेज वृद्धि देखने को मिली है. इस तरह के खातों में हुई बढ़ोतरी दिसंबर माह में उससे पहले के 3 महीनों की तुलना में काफी अधिक रही है.
एक्टिव यूजर की संख्या घटी
आंकड़ों के अनुसार, डीमैट खातों की बढ़ती संख्या के बीच एनएसई (NSE) पर एक्टिव यूजर की संख्या पिछले 6 महीनों से लगातार गिरावट आ रही है. देश में सक्रिय ग्राहक सालाना आधार पर 12 प्रतिशत जरूर बढ़े, लेकिन दिसंबर, 2022 में महीने-दर-महीने यह 1 प्रतिशत गिरकर 3.5 करोड़ हो गए है.
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