TDS Claiming Process: TDS का अर्थ है टैक्स डिडक्शन एट सोर्स और सैलरीड कर्मचारियों के लिए ये शब्द नया नहीं है. बहुत से लोग हैं जिनकी सैलरी इनकम टैक्स द्वारा जारी किए गए टैक्स स्लैब में नहीं आती है लेकिन फिर भी उनका हर महीने टीडीएस (TDS) कट जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि एंप्लॉयर को एक निश्चित तिथि तक अपने कर्मचारियों का टीडीएस काटना होता है. हर महीने सैलरीड कर्मचारियों की सैलरी में से TDS काटा जाता है अगर उन्होंने समय पर अपने इंवेस्टमेंट प्रूफ कंपनी में जमा नहीं किए हों तो कंपनी अपने नियमों के मुताबिक तय वक्त पर टैक्स काट लेती है.

ज्यादा कट गया TDS तो क्या करेंअगर ज्यादा टीडीएस कट गया है तो ऐसा नहीं कि आपका पैसा चला गया. आप इनकम टैक्स रिटर्न भरकर अपनी सैलरी से ज्यादा कटा हुआ टैक्स रिफंड के रूप में हासिल कर सकते हैं. बता दें कि वित्त वर्ष 2021-2022 का इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए टैक्स डिपार्टमेंट का पोर्टल खुला हुआ है. ऐसे में 31 जुलाई 2022 से पहले टैक्स रिटर्न फाइल (ITR Filing) कर लें जिससे समय से आपका कटा टैक्स रिफंड के तौर पर वापस आ जाएगा.

क्या हैं तरीकेटीडीएस रिफंड हासिल करने के लिए आप 31 जुलाई 2022 से पहले इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल जरूर करें. रिटर्न दाखिल करते वक्त इस बात का जिक्र करें. इसके बाद आपका एक्स्ट्रा पैसा जो टीडीएस के रूप में कटा है वह आपके खाते में पैसा आ जाएगा. इसके अलावा कटे टीडीएम को प्राप्त करने के लिए आप फार्म 15G भरकर बैंक में जमा कर सकते हैं. इसके बाद भी आपको टीडीएस का पैसा वापस मिल जाएगा.

अगर आपको जल्द से जल्द रिफंड प्राप्त करना है तो जल्द से जल्द आईटीआर फाइल करें. इसके बाद पेमेंट का स्टेटस प्राप्त करने के लिए आप www.incometax.gov.in की वेबसाइट पर क्लिक करें. यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करें. इसके बाद ई-फाइलिंग का ऑप्शन आपको दिखेगा. View File Returns पर क्लिक करें. इसके बाद आपको आईटीआर के डिटेल्स दिख जाएंगे. 

शिकायतों के निवारण के लिए भी आईटी डिपार्टमेंट ने किया हुआ है प्रावधानबता दें कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स से जुड़े किसी भी शिकायत के निपटारे के लिए 'ई-निवारण' (e-Nivaran) पोर्टल भी बनाया हुआ है. इस पोर्टल पर आप अपनी कोई भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. शिकायत का निपटारा तेजी से होगा.

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