Income Tax Department: आयकर विभाग ने विदेश भेजे जा रहे पैसों पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. विभाग के द्वारा इन संदिग्ध पैसों को लेकर देशभर में जांच शुरू की गई है. इस जांच के दायरे में करीब 394 संस्थाएं और 36 प्रोफेशनल्स शामिल हैं. इस बारे में विभाग की तरफ से एक प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी गई है.

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प्रेस नोट जारी कर दी जानकारीविभाग के द्वारा अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट के जरिए एक प्रेस नोट जारी किया गया है. इस प्रेस नोट के साथ कैप्शन में लिखा गया है, 'इनकम टैक्स विभाग ने संदिग्ध विदेशी पैसे भेजने के मामलों की देशभर में जांच शुरू की है. ये जांच डाटा की पड़ताल और जमीनी जानकारी के आधार पर शुरू की गई है. इसमें सामने आया कि कुछ ऐसी संस्थाओं ने विदेशों में बड़ी रकम भेजी, जिनका कारोबार कागजों पर बहुत कम या बिल्कुल नहीं दिखाया गया था.'

आगे लिखा गया है, 'विभाग ने फॉर्म 15CB/फॉर्म 146 सर्टिफिकेट जारी करने वाले प्रोफेशनल्स से सही तरीके से जांच-पड़ताल करने और सोच-समझकर फैसला लेने की जरूरत पर जोर दिया है.'

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कब से शुरू हो रही जांच?इस प्रेस नोट के जरिए बताया गया है कि, ये जांच 18 अगस्त से शुरू हुई है. इसमें खासतौर पर ऐसी कंपनियों और संस्थाओं की जांच की जा रही है, जिनके विदेश भेजे गए पैसों की रकम उनके बताए गए कारोबार और कमाई से मेल नहीं खाती. CBDT के मुताबिक, पिछले तीन साल के विदेश भेजे गए पैसों के आंकड़ों और दूसरी जानकारी की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध संस्थाओं का पता चला.

और किन लोगों की होगी जांच?इस मामले में सिर्फ कंपनियां ही नहीं, बल्कि उन 36 प्रोफेशनल्स की भी जांच होगी, जिन्होंने विदेशी पैसे भेजने के लिए फॉर्म 15CB सर्टिफिकेट जारी किए थे. CBDT को डेटा की जांच में पता चला कि कम संख्या में प्रोफेशनल्स ने बड़ी संख्या में फॉर्म 15CB सर्टिफिकेट जारी किए थे. वहीं, विदेश भेजा गया पैसा भी कुछ चुनिंदा संस्थाओं के समूह तक पहुंच रहा था. इससे विभाग को शक है कि सर्टिफिकेट जारी करने से पहले जरूरी जांच-पड़ताल ठीक से की गई थी या नहीं.

इसके अलावा भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे राज्यों में मौजूद करीब 117 संस्थाएं भी इस जांच के दायरे में हैं. बता दें कि इस मामले में आगे की जांच जारी है. अगर जांच में गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन के सबूत मिलते हैं, तो संबंधित संस्थाओं और लोगों के खिलाफ आगे कार्रवाई की जा सकती है.

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