नई दिल्ली: इंडियन ऑयल के बाद अब हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने अब तक का सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने का ऐलान किया है. हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने कहा कि उसे 31 मार्च को खत्म हुए कारोबारी साल 2016-17 के दौरान 6209 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ. ये 2015-16 के मुकाबले 66 फीसदी ज्यादा है. कंपनी ने अपने शेयरधारकों को हर दो शेयर पर एक बोनस शेयर देने का ऐलान किया है. यानि 10 रुपये के सम मूल्य वाले हर दो शेयर पर 10 रुपये सम मूल्य का एक शेयर मिलेगा.

इसके साथ ही कंपनी ने 1 रुपये 10 पैसे की दर से अंतिम डिविडेंड देने का भी प्रस्ताव किया है. इसे मिलाकर बीते कारोबारी साल के दौरान निवेशकों को कुल मिलाकर हर एक शेयर पर 30 रुपये का डिविडेंड मिला. बोनस शेयर और डिविडेंड का फायदा कंपनी के 1,54,746 शेयरधारकों को मिलेगा. इसमें से 1,47,207 शेयरधारक छोटे शेयर धारक हैं जिनके पास दो लाख रुपये या उससे कम मूल्य के शेयर हैं.

मुनाफे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी को लेकर कंपनी के सीएमडी मुकेश कुमार सुराणा का कहना है कि बिक्री में बढ़ोतरी, बेहतर कार्यक्षमता और पेट्रोलियम प्रोडक्ट की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का फायदा मिला. इसके साथ रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी हुई जिसका फायदा कंपनी के बैलेंश शीट को मिला.

कंपनी का कहना है कि सभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ी. अब उम्मीद है कि उज्जवला योजना के बाद घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी की बिक्री और बढ़ेगी. उज्जवला योजना के तहत अब तक दो करोड़ से भी ज्यादा घरेलू रसोई गैस के कनेक्शन दिए गए हैं जिसमें एचपीसीएल की हिस्सेदारी 53 लाख रही.

पेट्रोल-डीजल की रोजाना कीमत तय करने के बारे में पूछे जाने पर सुराणा ने कहा कि अभी तक नतीजे अच्छे मिले हैं. अब देश भर में इसे लागू करने के लिए जरुरी तकनीकी आधार तैयार किया जा रहा है. ध्यान रहे कि पांच शहरों (चंडीगढ, जमशेदपुर, उदयपुर, विशाखापत्तनम और पुड्डुचेरी) में पहली मई से प्रायोगिक तौर पर रोज कीमत तय करने की व्यवस्था शुरु की गई. उस समय सरकार ने संकेत दिए थे कि प्रयोग की सफलता के आधार पर पूरे देश में रोजाना के आधार पर कीमत तय करने की व्यवस्था साल के अंत तक लागू की जा सकती है.