No Claim Bonus on Health Insurance: आजकल के समय में हर व्यक्ति हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) जरूर खरीद रहा है जिससे वह अपने भविष्य को सुरक्षित कर सके. कोरोना महामारी के बाद लोग हेल्थ इंश्योरेंस में जमकर निवेश कर रहे हैं. अगर कोई पॉलिसीहोल्डर पूरे साल में एक बार भी हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम (Health Insurance Claim) नहीं करता है तो इसे नो-क्लेम बोनस (NCB) का लाभ मिलता है. यह बोनस का लाभ पॉलिसी होल्डर को साल के आखिरी महीने में मिलता है.
यह बोनस इंश्योरेंस के बीमा कवरेज से जुड़ी हुई होती है. ऐसे में यह पॉलिसीहोल्डर के लिए एक रिवार्ड की तरह होता है. ऐसे में इससे बीना कंपनी पॉलिसी के प्रीमियम को कम करके दिखाकर इसे मार्केटिंग के लिए यूज करती है. ध्यान देने वाली बात ये है कि हेल्थ इंश्योरेंस पर मिलने वाला बोनस दो तरह का होता है. आइए जानते हैं इस बारे में-
ज्यादा कवरेज का मिलता है लाभअगर कोई व्यक्ति अपने हेल्थ इंश्योरेंस का इस्तेमाल पूरे साल में एक बार भी नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी नो-क्लेम बोनस का लाभ देती है. इससे उस पॉलिसीहोल्डर की अगले साल तक बीमा कवर में इजाफा हो जाता है. इस बढ़े हुए बीमा कवर का लाभ केवल उस स्थिति में मिलेगा जब अगले साल आप अपने बीमा को रिन्यू कराएं. आपको यह लाभ 5 से 50 फीसदी तक का मिल सकता है.
जैसे अगर किसी व्यक्ति ने 10 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस लिया है, लेकिन उस पॉलिसी का साल 2022 में कोई यूज नहीं किया तो औप कंपनी इसे 10 फीसदी का नो-क्लेम बोनस देती है तो उसे कुल लाभ 11 लाख रुपये का मिलेगा. पॉलिसीहोल्डर को 10 फीसदी का अतिरिक्त लाभ मिलेगा. ऐसे में पॉलिसी होल्डर को कुल 1 लाख का एक्स्ट्रा बेनिफिट मिलेगा.
कम प्रीमियम का करना होगा भुगतानआपको बता दें कि ज्यादा कवरेज के साथ ही नो-क्लेम बोनस में प्रीमियम में डिस्काउंट का भी लाभ मिलता है. पॉलिसीहोल्डर को 10 फीसदी तक का डिस्काउंट प्रीमियम पर मिल सकता है. अगर कोई व्यक्ति प्रीमियम के रूप में 10,000 रुपये का भुगतान करता है तो 10 फीसदी की छूट पर उसे 1,000 रुपये की छूट मिलेगी. ऐसे में आपको 10,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये का ही भुगतान करना पड़ेगा.
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